प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 दिसंबर को अटल घाट से सरसैया घाट तक स्टीमर से भ्रमण के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर तैयारी देखने आए नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह गंगा का भ्रमण किए बिना ही लौट गए।
अटल घाट से सरसैया घाट तक पानी की गहराई की स्थिति उन्होंने मल्लाहों से पूछी। यह आशंका भी रही कि स्टीमर कहीं पानी कम होने के कारण बालू में न फंस जाए। इस मौके पर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि एक बार पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का स्टीमर बालू में फंस गया था।
मंगलवार को निरीक्षण के लिए आए कैबिनेट मंत्रियों के कार्यक्रम में अटल घाट से सरसैया घाट तक के निरीक्षण का कार्यक्रम भी रहा है। तैयारियां अधूरी होने और कायदे से होमवर्क न होने के कारण गंगा बैराज के गेस्ट हाउस में औपचारिक बैठक भर हुई।
अधिकारियों ने अंदाजे से कार्ययोजना बताई। यह कहा गया कि गंगा बैराज से साढ़े सात हजार क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। 15 हजार क्यूसेक पानी टिहरी बांध से मांगा गया है लेकिन हकीकत में इतने भर से काम नहीं चल पाएगा।
प्रधानमंत्री की फ्लीट में सात स्टीमर रहेंगे। इसके साथ ही दो स्टीमर एसपीजी के रहेंगे। एक साथ 9 स्टीमर चलने के लिए गंगा का पाट कितना चौड़ा होना चाहिए? इसके लिए कितने क्यूसेक पानी की जरूरत होगी? इसका अंदाजा किसी को नहीं रहा।
कैबिनेट मंत्री टंडन ने मल्लाहों से पूछा भी कि क्या इतने पानी में एक साथ सात नावें जा सकती हैं? जिला प्रशासन अब सर्वे कराकर इन सवालों के जवाब पता करेगा। इस मौके पर लोगों ने यह भी बताया कि अटल घाट पर पानी फिर भी ठीक है लेकिन सरसैया घाट पर बहुत कम है।
मंत्रियों ने कुछ देर तक अटल घाट पर लोगों के साथ बात की और फोटो खिंचाई। इसके बाद वे चले गए। इस मौके पर महापौर प्रमिला पांडेय, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव टी. वेंकटेश, मंडलायुक्त सुधीर एम बोबडे, डीएम विजय विश्वास पंत, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर जगदीश चंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
मां गंगा के दर्शन भर से मुक्ति
अटल घाट में निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने गंगा जल को माथे पर लगाया और अपने ऊपर छिड़का। वह बोले कि गंगा के दर्शन, नर्मदा में स्नान और सरयू में मुंह धोने से मुक्ति मिलती है। यह शास्त्रों में भी लिखा है। जलशक्ति मंत्री के बाद और लोगों ने भी गंगा जल को माथे से लगाकर अपने ऊपर छिड़का।