फर्रुखाबाद जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण राज्य मंत्री अतुल गर्ग सोमवार सुबह पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी पूरी करने को 17 नए मेडिकल कालेज खोलने को मंजूरी मिल गई।
इसके साथ ही 48 घंटे में डॉक्टर का एप्वाइंटमेंट किया जा रहा। मंत्री ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचकर विभागीय अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में 12 हजार डॉक्टरों की कमी थी, जो अब आधी रह गई है।
भर्ती प्रक्रिया को आसान कर आवेदन के 48 घंटे में डॉक्टरों का एप्वाइंटमेंट किया जा रहा। सेवारत डाक्टरों को दो वर्ष का कार्यकाल बढ़ाया गया। सेवानिवृत्ति के बाद भी डॉक्टर यदि सेवा देना चाहता है तो उस पर भी विचार चल रहा है। दिक्कत न हो, इसके लिए सीएमओ को दवाई खरीदने का भी अधिकार दिया गया है।
17 नए मेडिकल कालेज खोलकर डॉक्टर तैयार किए जाएंगे। मेडिकल कालेज के पास एकेडमिक सेंटर भी बनाए जाएंगे। इससे चार वर्ष बाद प्रति वर्ष 700 नए डाक्टर मिल सकेंगे। एक सवाल पर कहा कि डॉक्टरों का सरकारी नौकरी से मोह कम हुआ है। बड़े हास्पिटल अधिक वेतन दे रहे हैं।
डाक्टरों द्वारा अपनी ही शर्तों पर नौकरी करने के सवाल को राज्यमंत्री टाल गए और कहा कि सहयोग की जरूरत है, सभी व्यवस्थाएं ठीक कर ली जाएंगी। भाजपा जिलाध्यक्ष भूदेव राजपूत, सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, ठा.वीरेंद्र सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।
साहब नहीं मिला गोल्डन कार्ड का लाभ
राज्यमंत्री गेस्ट हाउस से बाहर निकले तो फतेहगढ़ के मोहल्ला वनखड़िया निवासी दिव्यांग लालाराम शाक्य अपने बीमार बेटे जितेंद्र शाक्य (29) के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा कि जितेंद्र सोरियाटिक आर्थराइटिस बीमारी से ग्रस्त है। आयुष्मान से गोल्डन कार्ड बनवाया।
जब वह इलाज कराने लखनऊ गए तो बताया गया कि यह बीमारी योजना में शामिल ही नहीं है। इससे उनके बेटे को इलाज नहीं मिल सका। राज्य मंत्री ने जितेंद्र के इलाज का भरोसा दिया। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने भी शिकायती पत्र दिया।