कानपुर। कानपुर और आसपास के जिलों के हस्तशिल्पियों के लिए अच्छी खबर है। यहां जल्द ही हैंडीक्रॉफ्ट का मिनी क्लस्टर बनेगा। इस दिशा में जल्द काम भी शुरू हो जाएगा।
विकास आयुक्त कार्यालय (हैंडीक्रॉफ्ट) के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने काफी समय पहले अंबेडकर हस्तशिल्प योजना के तहत कानपुर को हैंडीक्रॉफ्ट का मेगा क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव भेजा था।
उन्होंने बताया कि मेगा क्लस्टर के बजाय मिनी क्लस्टर के लिए मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। मिनी क्लस्टर में सरकार पांच से 10 करोड़ रुपये तक खर्च करती है, जबकि मेगा क्लस्टर का बजट 30-40 करोड़ होता है।
शिल्पियों को लाभ मिलेग ः शीतल
ज्वैलरी डिजाइनिंग में स्टेट अवार्ड विजेता शीतल शुक्ला का कहना है कि जिस तरह से भदोही में कारपेट, लखनऊ में चिकन, मुरादाबाद में पीतल और बरेली में जरी व पतंग को ख्याति मिली है, वैसे कानपुर को किसी क्षेत्र में महारत नहीं है।
सरकार से सहूलियत मिले तो यहां भी खूब संभावनाएं हैं। यहां लेदर, जरी और ज्वैलरी का खूब काम होता है। इस क्षेत्र में डिजाइनिंग कर शहर को महारत दिलवाई जा सकती है। मिनी क्लस्टर बनने से यहां के शिल्पियों को लाभ मिलेगा।
एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कोड बिना विदेश से व्यापार नहीं
कानपुर (ब्यूरो)। एक्सपोर्ट इंपोर्ट कोड के बगैर विदेश से व्यापार नहीं किया जा सकता। कोड हासिल करने के लिए ऑनलाइन और मैनुअली आवेदन किया जा सकता है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फीओ) और विकास आयुक्त कार्यालय हैंडीक्रॉफ्ट की तीन दिवसीय कार्यशाला में गुरुवार को यह जानकारी विदेश व्यापार विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर रंजना जैन ने हस्तशिल्पियों को दी।
मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश के सिविल लाइंस स्थित सभागार में हैंडीक्रॉफ्ट से जुडे़ विशेषज्ञों ने कई जिलों से आए हस्तशिल्पियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही ‘कुशल बनो, सफल बनो’ का मंत्र भी दिया।
विदेश व्यापार विभाग के संयुक्त निदेशक मानवेंद्र सिंह ने कहा कि हस्त शिल्पी अच्छे उत्पाद तैयार करें। विदेशों में आज भी हैंडीक्रॉफ्ट की खूब मांग है।
फीयो के सीईओ वाईएस गर्ग ने कहा कि उनका संगठन शिल्पियों की हर समय मदद को तैयार हैं। कार्यशाला में आयुक्त एवं उद्योग निदेशक नीना शर्मा, मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव एके सिन्हा, फियो के आलोक कुमार श्रीवास्तव, केके वाजपेयी मौजूद रहे।
यहां करें आवेदन
विदेशों से एक्सपोर्ट इंपोर्ट करने के लिए एक्सपोर्ट इंपोर्ट कोड लेना पड़ता है। इस कोड के बिना विदेश से सेवा और वस्तुओं का व्यापार नहीं कर सकते हैं। यह कोड पांच सौ रुपये फीस जमा कर काकादेव स्थित संयुक्त निदेशक विदेश व्यापार कार्यालय से लिया जा सकता है। फार्म (एएनएफ टू ए) भरकर पैन कार्ड लगाना आनिवार्य है।
10 डिजिट का यह कोड तीन से चार दिन मिल जाता है। इसकी वैद्यता ताउम्र रहती है। यूपी में इसके तीन कार्यालय कानपुर, बनारस और मुरादाबाद में हैं। ऑनलाइन कोड पाने के लिए dgft.gov.in (डीजीएफटी डॉट जीओवी डॉट इन) पर लॉगिन कर फार्म भरें और पैन की कॉपी अपलोड करें। फीस क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन ही जमा होती है।