चित्रकूट जिले में घरेलू विवाद को लेकर एक प्रवासी मजदूर ने घर के अंदर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। लॉकडाउन के चलते मजदूर दो माह पहले गुजरात के वापी शहर से घर लौटा था। परिजनों व पुलिस के अनुसार उसका आए दिन मोबाइल से बात करने को लेकर पत्नी से विवाद होता था।
सदर कोतवाली अंतर्गत कसहाई गांव के सिरहापुरवा निवासी कमलेश (20) पुत्र रमाशंकर अहिरवार ने रविवार की रात्रि को जब परिवार के सदस्य सो गए तो उसने अपने कच्चे घर के ही अंदर रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
सोमवार की सुबह जागी पत्नी कीर्ति देवी ने यह नजारा देखा तो वह चीख पड़ी। परिजनों ने पुलिस को सूचना देने के बाद शव को फंदे से नीचे उतारा। मृतक का भाई मनोज अहिरवार ने बताया कि उसका दिव्यांग भाई कमलेश गुजरात के वापी शहर में प्लास्टिक के कारखाने में काम करता था।
जो दो माह पहले आया था। शनिवार को उसकी पत्नी कीर्ति देवी किसी को मोबाइल से फोन कर रही थी। कमलेश कई बार इस बात को लेकर पत्नी को मना करचुका था लेकिन वह नहीं मानती थी। इसी बात को लेकर दोनो के बीच शाम को जमकर विवाद हुआ था।
इसके बाद परिवार के सभी सदस्य सो गए। देर रात को कमलेश की पत्नी कीर्ति देवी ने परिवार के सदस्यों जानकारी दिया कि उसका पति कमलेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इससे घर में कोहराम मच गया। घटना के बाद मां माईदेवी का रो-रोकर बुराहाल है। मृतक तीन भाईयों में सबसे बड़ा है। उसके एक पुत्र है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।