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UP: 14 वर्ष से बंधुआ मजदूर बन काम कर रहा था अधेड़, परिजनों ने कराया मुक्त…छलके आंसू, गले लगकर कही ये बात

Fri, 06 Sep 2024 08:24 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

Hamirpur News: भूरा ने कोतवाली में लिखित रूप से बताया कि वह अपकी स्वेछा से यहां आया था और अब अपने परिजनों के साथ सवेच्छा से जा रहा है। कोतवाल राम आसरे सरोज ने बताया कि परिजनों ने लिखित रूप से बताया है कि पिता भूरा को किसी ने बंधक नहीं बनाया। वह स्वेच्छा से यहां रह रहा था।
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सांकेतिक - फोटो : iStock
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विस्तार
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हमीरपुर जिले में बीते 14 वर्ष से जिले के अलग-अलग स्थानों पर बंधुआ मजदूर बन काम कर रहे अधेड़ को उसके परिजनों ने मुक्त कराया है। परिजनों के साथ क्षेत्र के परछा गांव पहुंचे बेटे को देख अधेड़ की आंखों में आंसू आ गए और गले लग गया। दिमागी रूप से कमजोर होने के कारण वह 14 वर्ष पूर्व हरदोई जनपद के तकियापुर से जनपद आया था।

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मामले में मजदूर ने कोतवाली में स्वेच्छा से यहां आने व वापस जाने की बात लिखित रूप से दी है। हरदोई जनपद के तकियापुर निवासी भूरा (52) दिमागी रूप से कमजोर होने के चलते 14 साल पहले अपने घर से बीवी बच्चों को छोड़ भाग कर जिले के इंगोहटा गांव पहुंचा। यहां सात साल रहने के बाद वह क्षेत्र के परछा गांव पहुंच गया। वहां वह बाबू दूध वाले के यहां रुक गया।
धीरे-धीरे वह अपने गांव का पता और बच्चों पत्नी का नाम भी उनको बताने लगा। किसी ने तलाश करते-करते इसकी सूचना भूरा के परिजनों को दी। भूरा की तलाश में परिजनों की आंखें रो-रोकर पथरा गईं। उसकी पत्नी व बेटों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और वापस लाने के लिए हमीरपुर निकल पड़े। शुक्रवार को जब वह अपने बड़े पुत्र कमलपाल के साथ आया, तो कुछ देर एक-दूसरे को देखने के बाद लिपट गया और फफक कर रो दिया।

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थाने में लिखित रूप से कहा- मैं स्वेच्छा से रह रहा था
भूरा ने कोतवाली में लिखित रूप से बताया कि वह अपकी स्वेछा से यहां आया था और अब अपने परिजनों के साथ सवेच्छा से जा रहा है। कोतवाल राम आसरे सरोज ने बताया कि हरदोई के तकियापुर निवासी भूरा की पत्नी व दो बड़े पुत्र है। उसके एक पुत्र कमलपाल ने अपनी मां सहित अन्य के हस्ताक्षर करते हुए लिखित रूप से बताया कि उसका पिता भूरा को किसी ने बंधक नहीं बनाया। वह स्वेच्छा से यहां रह रहा था।
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