थाने में लिखित रूप से कहा- मैं स्वेच्छा से रह रहा था
भूरा ने कोतवाली में लिखित रूप से बताया कि वह अपकी स्वेछा से यहां आया था और अब अपने परिजनों के साथ सवेच्छा से जा रहा है। कोतवाल राम आसरे सरोज ने बताया कि हरदोई के तकियापुर निवासी भूरा की पत्नी व दो बड़े पुत्र है। उसके एक पुत्र कमलपाल ने अपनी मां सहित अन्य के हस्ताक्षर करते हुए लिखित रूप से बताया कि उसका पिता भूरा को किसी ने बंधक नहीं बनाया। वह स्वेच्छा से यहां रह रहा था।