इटावा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को साफ सुथरा मिड डे मील देने के लिए सरकार रसोइयों के लिए सुरक्षा किट मुहैया कराने का बजट हर साल देती है। रसोइयों को एप्रन, कैप और ग्लब्स देने के लिए सालाना 700 रुपये दिए जाते हैं पर अधिकतर स्कूलों में बिना किट पहने रसोइयांं खाना बनातीं हैं। 700 रुपये के हिसाब से शहर के 1484 स्कूलों पर हर साल लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं फिर भी बच्चों की थाली सुरक्षित नहीं है।
सरकार हर साल परिषदीय स्कूलों में बच्चों को साफ-सुथरा और पौष्टिक मिड डे मील देने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है। कोविड से ही रसोइयों को एप्रन, कैप और ग्लब्स देने का आदेश जारी किया गया था। जिलेभर के स्कूलों की पड़ताल में सामने आया कि कई शिक्षकों को यह तक नहीं पता कि आखिरी बार पैसे कब आए थे। कुल 1484 स्कूलों में मिड डे मील योजना चल रही है। इनमें सभी में रसोइयांं खाना बनातीं हैं।