तीन जुलाई को आई थी दवा
सूचना पर पहुंचीं विभागाध्यक्ष डॉ. नीना गुप्ता, सीएमएस डॉ. रीता गुप्ता ने प्रसूताओं की रिपोर्ट बनाकर हैलट की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में डॉ. ललित कुमार से राय ली। डॉ. नीना गुप्ता ने बताया कि मेट्रोजिल का इंजेक्शन लगने के बाद रिएक्शन हुआ था, लेकिन उसे नियंत्रित कर लिया गया।
दवा के बैच की कराई जाएगी जांच
वहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रीता गुप्ता ने बताया कि यह दवा तीन जुलाई को आई थी। दवा के बैच को सीज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर सैंपलिंग करके जांच कराएंगे। दवा स्टोर इंचार्ज डॉ. एसके गौतम ने बताया कि मेट्रोजिल और भी रोगियों को लगाई गई। उन्हें दिक्कत नहीं हुई। जिस बैच की दवा से दिक्कत हुई, उसकी जांच कराई जाएगी।
अहमदाबाद की कंपनी की है दवा
प्रसूताओं को जिस मेट्रोजिल दवा से दिक्कत हुई है, वह अहमदाबाद की कंपनी की दवा है। इस दवा को रेट कॉन्ट्रैक्ट से खरीदा गया था। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रीता गुप्ता ने बताया कि कंपनी का नाम उरसुक्का है। ड्रग इंस्पेक्टर को जांच के लिए लिखा गया है।
कोशिकाओं में केमिकल के स्राव से हुआ दुष्प्रभाव
सीएमएस डॉ. रीता गुप्ता ने बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद प्रसूताओं के शरीर में केमिकल रिएक्शन हो गया। ऐसा होने से एलर्जी वाले तत्व सक्रिय हो जाते हैं। इससे शरीर के अंदर मौजूद मास्ट नाम की कोशिकाएं केमिकल का स्राव करने लगती हैं। इसके दुष्प्रभाव से ही शरीर में कंपकपाहट होने लगी और बुखार आया।