संस्था से 10 माह पूर्व हुआ था अनुबंध
इसका खर्च 80 लाख रुपये है। इसी संस्था ने 10 साल पहले कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 का डीपीआर भी तैयार किया था। केडीए का इस कार्य के लिए इस संस्था से 10 माह पूर्व अनुबंध हुआ था। संस्था ने यूपीएमआरसी के साथ मेट्रो रूट विस्तार के लिए स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें यूपीएमआरसी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह, विपिन कुमार, अर्जुन श्रीवास्तव, मुकेश कुमार, पुष्पेंद्र सिंह और राइट्स के बुवाड़े सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
कॉरिडोर बिछाने की लंबाई 800 मीटर होगी कम
यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार के अनुसार, अर्रा रोड मार्ग मेट्रो कॉरिडोर योजना के लिए पर्याप्त है। इसके लिए कुछ स्थानों में अधिग्रहण करना पड़ेगा। अर्रा रोड के साथ 2.3 किलोमीटर लंबाई में हाईटेंशन लाइन बड़ी बाधा होगी। मेट्रो कॉरिडोर योजना के लिए एचटी लाइन की ऊंचाई बढ़ानी होगी या इसे स्थानांतरित करना पड़ेगा। सागरपुरी सहित अन्य वैकल्पिक मार्गों की तुलना में इस मार्ग में मेट्रो कॉरिडोर बिछाने की लंबाई 800 मीटर कम होगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के समानांतर गल्ला मंडी से समाधि चौराहे तक विस्तार होगा।
नौबस्ता मेट्रो स्टेशन से बर्रा-8 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए केडीए राइट्स संस्था से डीपीआर तैयार करा रहा है। यह कार्य लगभग अंतिम चरण में है। पहले डीपीआर का ड्राफ्ट तैयार होगा। उसके बाद डीपीआर फाइनल किया जाएगा। -मनोज कुमार, मुख्य नगर नियोजक, केडीए
रेल मंत्रालय से संचालित होता है राइट्स
रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। यह परिवहन और इंजीनियरिंग में परामर्श, विशेषज्ञता प्रदान करता है। यह कंपनी रेलवे, मेट्रो, राजमार्ग, हवाई अड्डे सहित अन्य परिवहन अवसंरचना के क्षेत्रों में काम करती है। राइट्स की स्थापना 26 अप्रैल 1974 को हुई थी। इसे रेल मंत्रालय के तहत संचालित किया जाता है। यह 55 से ज्यादा देशों में काम करता है। इसे भारत सरकार की नवरत्न कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त है।