पनकी की ग्रीनबेल्ट में लगने को आए पौधे रखे-रखे सूख गए
पनकी औद्योगिक क्षेत्र में एलएमएल चौराहे से शुरू होने वाली ग्रीनबेल्ट में लगाए जाने के लिए एक साल पहले आए पौधे रखे-रखे सूख गए। नगर निगम ने ठेका देने के बाद दोबारा इस तरफ देखा तक नहीं। यह ग्रीनबेल्ट करीब चार किलोमीटर लंबी है। हर साल इस ग्रीनबेल्ट में पौधे रोपे जाते हैं। इसके लिए नगर निगम की ओर से ठेका दिया गया है। साथ ही माली की व्यवस्था भी की गई है। बुधवार को मौके पर जाकर देखा गया, तो पौधे काली पॉलिथीन में रखे-रखे सूख गए थे।
केमिकल युक्त पानी आता है
माली कंचन से जब पौधे सूखने के संबंध में पूछा गया, तो उसने बताया कि यह औद्योगिक क्षेत्र है। इसलिए बोरिंग से केमिकलयुक्त पानी आता है, जिससे पौधे सूख जाते हैं। उसने बताया कि इस साल भी यहां बीस हजार पौधे रोपने हैं। तीन दिन पहले भी एक ट्रक से यहां पौधे भेजे गए हैं। केयरटेकर शिवांशू तिवारी ने बताया कि जो पौधे गर्मी में आए थे, वो सूख गए। उन्हें हटा दिया जाएगा।
यह है नियम
एक हरे पेड़ को काटने पर उसके बदले दस पौधे लगाने होते हैं और पांच साल तक उनके संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होती है।
वन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में कार्ययोजना का प्रस्ताव बनाया है, जिससे पौधे लगाए और बचाए जाएंगे। मेट्रो से 1408 पेड़ों को काटने की क्षतिपूर्ति में मिले 4.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पौधरोपण कराने और उनके संरक्षण के लिए सीमेंटेड ट्री गार्ड में किया जाएगा। -अनिल कुमार द्विवेदी, प्रभारी डीएफओ