कानपुर। अंजुमन-ए-फिरदौसिया की ओर से 56वें दौर की तरही शब्बेदारी का आयोजन रविवार को ग्वालटोली मकबरा में हुआ। हजरत अब्बास के अलम के साथ इमाम बारगाह जहूरुल हसन जाफरी से शबीहे ताबूत हजरत इमाम हुसैन के साथ जुलूस निकला। इस मौके हुई अलविदाई मजलिस में कहा गया कि दास्तान-ए-कर्बला हक की राह पर चलने और बातिल के आगे न झुकने, कुर्बानी पेश करने का संदेश देती है। जुलूस मकबरा ग्वालटोली स्थित छोटी कर्बला हुसैनी मैदान में सुबह आठ बजे से दिन 10 बजे तक गश्त करता रहा। इस दौरान मेहमान अंजुमन शम्मे हुसैनी, अंजुमन हुसैनिया कदीम मोहम्मदपुर के बैनर तले कर्बला के 72 प्यासे शहीदों को नजराना-ए-अकीदत पेश किया गया। यहां से यह जुलूस इमाम बारगाह आगामीर पहुंचा। इसके बाद मजलिसे अजा हुई। अंजुमन की अलविदाई मजलिस को लखनऊ के मौलाना सादिक आबिदी ने खिताब किया।
उन्होंने कहा कि कर्बला की शहादत इस्लाम की राह में कुर्बानी का सबक देती है। इस्लाम के दोस्तों और दुश्मनों की पहचान का सलीका सिखाती है। फुरकान हैदर रिजवी, अली अब्बास नकवी इलाहाबादी, अनवार अहमद सज्जादी, आसिफ अब्बास, नजरे आलम जाफरी, रानू नकवी, ताज मिर्जा, अफसर हुसैन, शमीम हैदर, तालिब सज्जादी आदि मौजूद रहे।