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खाताधारकों के लिए जरूरी खबर, इन बैंकों का आपस में होना है विलय, जनता को मिलेंगे ज्यादा संसाधन

Sun, 01 Sep 2019 03:23 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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बैंकों का विलय आने वाले समय में जनता के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। बैंकों का स्वरूप बड़ा होने से उनमें संसाधन भी बेहतर होंगे। संख्या कम होने से मॉनीटरिंग भी सख्त होगी, जवाबदेही भी बढे़गी। इसके अलावा घाटे और कम पूंजी वाले बैंकों के खाताधारक अब बड़े बैंक के संसाधन हासिल कर सकेंगे। आने वाले समय में अधिकतर बैंकों का स्वरूप लगभग एक जैसा होगा। 
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बैंक संगठनों के एक पक्ष का मानना है कि 10 बैंकों को समेटकर चार बड़े बैंक बनाने के पीछे सरकार की मंशा उन पर बेहतर नियंत्रण रखना है। आने वाले समय में एक व्यक्ति अलग-अलग नाम से विभिन्न कंपनियों के जरिये मनमर्जी लोन नहीं ले सकेगा। बीते कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं। कई बैंकों का समूह (कंसोर्टियम) बनाकर अलग-अलग बैंक से भारी भरकम लोन हासिल करने की व्यवस्था पर पाबंदी लगेगी।
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पक्ष में बोले
विलय से कर्मचारियों की कमी पूरी होगी। कम कर्मचारियों वाली शाखाओं में संतुलन आएगा। बैंकों में प्रतिद्वंद्विता कम होगी। संख्या कम होने से कामकाज के तौर-तरीकों की बेहतर समीक्षा हो सकेगी। यूनियन बैंक का स्वरूप दोगुना हो जाएगा। हम इस विलय से खुश हैं।  
- बृजेंद्र पांडेय, क्षेत्रीय, सचिव नेशनल कंफेडशन ऑफ बैंक इंप्लाइज  

बैंकों का विलय जनता के हित में है। बैंकों की संख्या कम होगी तो उनकी जवाबदेही भी बढ़ेगी। बैंकों का स्वरूप बढ़ेगा तो हाइटेक बैंकिंग और बेहतर संसाधन मिलेंगे। 
- आशीष यादव, अध्यक्ष ऑल इंडिया यूनियन बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन 
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कानपुर में अब ऐसा होगा स्वरूप 

पीएनबी की 66 शाखाएं
पीएनबी - ओरिएंटल बैंक - यूनाइटेड बैंक 
47          13              6 

यूनियन बैंक की 33 शाखाएं
यूनियन बैंक- आंध्रा बैंक - कॉरपोरेशन बैंक
24             5             4 

इंडियन बैंक की 30 शाखाएं
इलाहाबाद बैंक - इंडियन बैंक
23               7 

केनरा बैंक की 25 शाखाएं
केनरा बैंक - सिंडिकेट बैंक 
16              9 
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