उन्नाव जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार रात प्रसव पीड़ा से छटपटा रही महिला को डॉक्टरों ने उसके हाल पर छोड़ दिया। पति के गिड़गिड़ाने पर भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। एनेस्थेटिस्ट न होने का बहाना कर गर्भवती महिला को जबरन रेफर कर दिया गया। इस बीच पति ने महिला सीएमएस से लेकर डीएम तक गुहार लगाई लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो सकी। शनिवार सुबह महिला ने निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया।
शहर के दोस्ती नगर निवासी मंसूर होर्डिंग लगाने का काम करता है। शुक्रवार रात उसकी पत्नी गुलफ्शा (22) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह उसे लेकर महिला अस्पताल पहुंचा। मंसूर का आरोप है कि महिला अस्पताल की डॉक्टर अर्चना ने बिना देखे ही उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। उसने जब अस्पताल में ही प्रसव कराने की बात कही तो डॉक्टर ने एनेस्थेटिस्ट न होने की बात कह दी।