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धरती के भगवान का 'शैतानों वाला काम', दर्द से तड़पती रही गर्भवती महिला...डॉक्टर का दिल न पसीजा

Sat, 15 Dec 2018 06:15 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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उन्नाव जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार रात प्रसव पीड़ा से छटपटा रही महिला को डॉक्टरों ने उसके हाल पर छोड़ दिया। पति के गिड़गिड़ाने पर भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। एनेस्थेटिस्ट न होने का बहाना कर गर्भवती महिला को जबरन रेफर कर दिया गया। इस बीच पति ने महिला सीएमएस से लेकर डीएम तक गुहार लगाई लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो सकी। शनिवार सुबह महिला ने निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया।
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शहर के दोस्ती नगर निवासी मंसूर होर्डिंग लगाने का काम करता है। शुक्रवार रात उसकी पत्नी गुलफ्शा (22) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह उसे लेकर महिला अस्पताल पहुंचा। मंसूर का आरोप है कि महिला अस्पताल की डॉक्टर अर्चना ने बिना देखे ही उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। उसने जब अस्पताल में ही प्रसव कराने की बात कही तो डॉक्टर ने एनेस्थेटिस्ट न होने की बात कह दी।
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उसने पहले महिला सीएमएस और फिर डीएम को फोन किया

इस बीच उसने पहले महिला सीएमएस और फिर डीएम को फोन किया। हालांकि दोनों अधिकारियों की ओर से उसे कोई जवाब नहीं मिला। लगभग छह घंटे तक वह पत्नी को लेकर अस्पताल में बैठा रहा। मंसूर के अनुसार जब अस्पताल में उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह सुबह निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां ऑपरेशन से गुलफ्शा ने बेटी को जन्म दिया। मंसूर का कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही के संबध में वह प्रदेश स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत करेगा। 

कराई जाएगी जांच
सीएमएस डा. अंजू दुबे ने बताया कि मरीज को उपचार न मिलने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पीड़ित अगर लिखित शिकायत करेगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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