रावतपुर गांव आदर्श नगर निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी का शव सोमवार सुबह घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। इंडोनेशिया में इलाज के दौरान उनकी 11 अप्रैल को मौत हुई थी। 17 दिन बाद शव कानपुर स्थित उनके घर पहुंच पाया। परिजनों के मुताबिक लगातार काम करने की वजह से अचानक गश खाकर बेहोश होने से उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी। तीन दिन बाद उन्हें होश आया तब उन्होंने परिजनों को फोन कर सूचना दी थी। इसके बाद से उनका इलाज चल रहा था।
पिता यदुनाथ ने बताया कि छोटा बेटा विजय (28) 2014 से मर्चेंट नेवी में कार्यरत है। 22 फरवरी को वह घर से गया था एक महीने बाद 27 मार्च को हुए काम के दौरान गिर पड़े थे। दो दिन बाद होश आने पर 29 को उन्होंने घर पर फोन कर बात की थी और चोट लगने का जिक्र किया था। वीडियो कॉल के माध्यम से बेटे को देखा था। तब से उनका इलाज चल रहा था। 11 अप्रैल को उनके निधन की सूचना मिली। विदेश में कागजी कार्रवाई के चलते हैं 17 दिन बाद शव घर आ पाया है। उन्होंने बताया कि वह 36 घंटे से लगातार काम कर रहा था जिस कारण वह गश खाकर जहाज पर ही गिर गया। सिर में चोट आने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा अजय 2012 से मर्चेंट नेवी में काम कर रहा है।