हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि उसे मनोरोग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके साथ ही झांसी के रोगी का शव सात घंटे पड़े रहने के मामले में ड्यूटी स्टाफ से जवाब तलब किया गया है।
कानपुर के हैलट अस्पताल में एक बार फिर संवेदनहीनता सामने आई है। वार्ड नंबर एक में मानसिक रूप से बीमार एक रोगी को बेड से बांधकर छोड़ दिया गया। उसकी देखरेख के लिए कोई नहीं था। रोगी का वीडियो वायरल होने के बाद हैलट प्रबंधन ने मनोरोग वार्ड नंबर 16 में उसे शिफ्ट किया।
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उसका इलाज डॉ. गणेश शंकर के अंडर में शुरू हो गया है। रोगी को लावारिस में कोई भर्ती करा गया था। उसकी उम्र 32 साल के करीब है। उसे वार्ड एक में अकेला भर्ती कर दिया गया। वह भागे न इसलिए उसके हाथ-पैर बांध दिए गए। हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि उसे मनोरोग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके साथ ही झांसी के रोगी का शव सात घंटे पड़े रहने के मामले में ड्यूटी स्टाफ से जवाब तलब किया गया है।