कानपुर देहात। पुराने मित्र से मुलाकात कर राष्ट्रपति ने पहले तो उनकी सेहत का हाल जाना फिर पुराने संस्मरणों पर चर्चा होने लगी। बात वैष्णो देवी यात्रा की हुई तो दोनों लोगों ने खूब ठहाके लगाए। घोड़े पर सवार होकर मंदिर तक पहुंचने का जिक्र हुआ। 25 साल पहले दोनों मित्रों ने परिवार के साथ वैष्णो देवी यात्रा की थी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने मित्र सतीश चंद्र मिश्र के घर पहुंचकर उनसे बड़ी आत्मीयता से मिले। सबसे पहले उनके स्वास्थ्य के बारे जानकारी ली। इसके बाद उनका परिचय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया। करीब 20 मिनट की मुलाकात में पुरानी बातों पर चर्चा होने लगी। सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि करीब 25 साल पहले रामनाथ कोविंद, उनकी पत्नी सविता कोविंद के साथ वैष्णो देवी की यात्रा की थी।
साथ में उनकी पत्नी व बच्चे भी थे। यात्रा के दौरान चढ़ाई में पैदल चलने पर थकान महसूस हुई तो रामनाथ कोविंद व सतीश चंद्र मिश्र घोड़े से यात्रा करके मंदिर तक पहुंचे। कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी कोविंद पुरानी यात्रा को नहीं भूले। उन्होंने कई पुरानी बातों पर चर्चा करके खूब ठहाके लगाए। कोविंद से मिलने के बाद सतीश चंद्र मिश्र बेहद खुश नजर आए।
छह टांके पर रो रहे हो देखो हमें 65 लगे हैं
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने मित्र सतीश चंद्र मिश्र से मिलकर खूब हंसी मजाक किया। सतीश चंद्र मिश्र ने बताया कि उन्हें एक बार चोट लग गई तो उनके छह टांके लगे। इसकी जानकारी पर रामनाथ कोविंद देखने आए थे। तब छह टांके लगने की जानकारी देकर मिश्र थोड़ परेशान हुए तो कोविंद ने उन्हें तत्काल अपनी शर्ट ऊपर कर अपने टांके दिखाए। कोविंद ने तब कहा था कि छह टांके लगने पर रो रहे हो देखो हमें 65 टांके लगे हैं।
मिश्र ने बताया कि कोविंद ने कभी पहले बाईपास सर्जरी कराई थी तब उन्हें 65 टांके लगाए थे। उसे दिखाकर उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही खुश रहने के लिए कहा। रविवार को उनकी मुलाकात में इस प्रसंग का भी जिक्र हुआ। मित्र के साथ हो रही बातों को सुनकर मुख्यमंत्री व राज्यपाल भी मुस्कराते रहे।
शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है ये खुशी
कानपुर देहात। पुरानी मित्रता थी बात होती रहती थी लेकिन ऐसी कल्पना नहीं की थी कि देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बाद घर में आकर इतनी आत्मीयता से मुलाकात होगी। गौरव की बात ये रही कि उनके साथ प्रदेश की राज्यपाल व मुख्यमंत्री भी साथ रहे। ये बातें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मित्र सतीश चंद्र मिश्रा ने उनसे मुलाकात के बाद कहीं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर सतीश चंद्र मिश्रा के अलावा उनकी पत्नी शकुंतला मिश्रा, बेटे शांतनु मिश्रा, शंकुल मिश्रा, बहू प्राची व प्रीती मिश्रा ने बेहद खुशी जताई। सतीश मिश्रा ने कहा कि गौरवशाली क्षण को कभी भूल नहीं पाएंगे। कोविंद हमेशा सुख दुख में जुड़े रहे। शांतनु मिश्रा ने कहा कि आज की मुलाकात ऐतिहासिक हो गई। बहू प्राची मिश्रा ने कहा कि ये खुशी शब्दों में बया नहीं की जा सकती है। उनके घर में विधायक महेश त्रिवेदी, विनोद कटियार, शेख मोहम्मद, दिनेश मिश्रा, सौरभ, यतीश मिश्रा से भी राष्ट्रपति ने हाल जाने।