छिबरामऊ। खटीक समाज के जाति प्रमाणपत्र जारी करने में देरी और प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए समाज के लोगों ने मंगलवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार रामप्रकाश को सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और पात्र लोगों के प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग की।
समाज के लोगों का आरोप है कि तहसील क्षेत्र में लंबे समय से खटीक समाज के लोगों के जाति प्रमाणपत्र जारी होते रहे हैं। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2003, 2005, 2007, 2016, 2017, 2019, 2020, 2021 और 2025 में प्रमाणपत्र जारी किए गए। आरोप है कि 14 फरवरी 2025 के बाद अचानक प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रमाणपत्र न बनने से छात्र-छात्राओं को दाखिले, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। मांग है कि विवादित जाति प्रमाणपत्रों के मामलों की जांच के लिए सक्षम समिति गठित कर त्वरित निस्तारण कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सतर्कता प्रकोष्ठ से भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल स्थानीय लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम आधार न बनाया जाए, बल्कि शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। इस दौरान अवधेश कुमार, संजय कुमार, अवतार खटीक, त्रिदीप खटीक, सुमित कुमार खटीक, नवीन खटीक, जयकांत खटीक, सोहंश, रविकांत खटीक, लवकुश खटीक आदि मौजूद रहे।