कानपुर देहात जिले के मूसानगर में आत्मदाह के प्रयास में झुलसे पीड़ित के पिता से बात करते सपा जिलाध
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मूसानगर (कानपुर देहात)। मूसानगर बांगर में कब्रिस्तान के पास निर्माण कार्य को लेकर आत्मदाह करने की कोशिश में दंपति व छह बच्चे झुलस गए थे। सभी का लखनऊ के केजीएमसी में चल रहा था। रविवार की शाम इनमें से एक तीन साल की बच्ची का मौत हो गई। सूचना आते ही गांव में परिजन बिलख उठे।
कब्रिस्तान की जमीन के पास हो रहे निर्माण कार्य के चलते मूसानगर बांगर गांव निवासी गुलफान ने अपने छह बच्चों के साथ आत्मदाह करने की कोशिश की थी। रविवार को लखनऊ केजीएमसी में उपचार के दौरान चांदतारा (3) की मौत हो गई। गांव में सूचना आते ही घर में मौजूद बाबा हमीद और दादी का रो-रो करबुरा हाल हो गया। नातिन की मौत की खबर के बाद से वृद्ध दंपति बेसुध हो गए। जिनको मौजूद लोग ढांढस बंधाते रहे। इधर, सपा प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने परिजनों को विश्वास दिलाया हे कि मासूम का शव यहीं आएगा। उन्होंने मंगलवार को फिर आने की बात कही है।
सपा प्रतिनिधि मंडल ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मुक्ता देवी मंदिर गेट के पास निर्माण कार्य का विरोध कर दंपति ने अपने छह बच्चे के साथ आत्मदाह की कोशिश की थी। जिसमें सभी गंभीर रूप से झुलस गए। इसी मुद्दे पर रविवार को सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव में आकर परिजनों से मुलाकात कर और निष्पक्ष जाचं कराए जाने की मांग की। कहा कि रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपने को कहा। रविवार को सपा का 12 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल पहले घटना स्थल पहुंचा। वहां पर कब्रिस्तान के पास कराए गए निर्माण कार्य को देखा। सपा विधायक इरफान सोलंकी और अमिताभ बाजपेयी ने पीड़ित के पिता हमीद से मिलकर परिवार का हालचाल जाना। कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ित के परिवार के साथ कंधे कंधा मिला कर खड़ी है। बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार बारह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल घटना की जानकारी करने के लिए आया है। उन्होंने आत्मदाह के लिए प्रशासन और भाजपा नेता को जिम्मेदार ठहराया।