प्रेस वार्ता में जानकारी देते केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय।
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कानपुर देहात। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि कृषि विधेयक का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। बिचौलियों का काम खत्म होने से किसान देश की किसी मंडी में उपज बेचकर मुनाफा कमा सकता है। कांट्रैक्ट फार्मिंग के कानून से किसानों का फायदा होगा और धोखाधड़ी रुकेगी। केवल फसल के कांट्रैक्ट का प्रावधान है। कृषि भूमि दायरे से बाहर है। कृषि विधेयक से एक देश एक बाजार का रास्ता साफ हो गया है। वह रविवार को उक्त बातें कलक्ट्रेट सभागार में कही।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए भाजपा की सरकार ने कदम उठाए हैं। अनाजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वर्ष 2013-14 की तुलना में 2020-21 में 32 फीसदी से लेकर 73 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व गेहूं का समर्थन मूल्य 1400 रुपये था। 41 फीसदी वृद्धि कर समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1975 रुपये किया गया है। मसूर का समर्थन मूल्य 73 फीसदी बढ़ाकर 5100 रुपये किया गया है। इसी प्रकार सरसों का समर्थन मूल्य 3050 से बढ़ाकर 4650 रुपये किया गया है। यह वृद्धि 52 फीसदी है। धान का समर्थन मूल्य 43 फीसदी बढ़ाकर 1868 रुपये किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले आठ साल की तुलना में गेहूं की सरकारी खरीद में 85 फीसदी अधिक खर्च किया गया है। धान की सरकारी खरीद में 192 फीसदी अधिक रुपये खर्च किए गए। उड़द की दाल खरीद खर्च में भी 414 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकारी खरीद का लक्ष्य भी बढ़ा है। सरकार की प्राथमिकता में किसान हैं। उनके हित के लिए नियम बनाया गया है। कहा कि कृषि विधेयक को लेकर शंकाएं निराधार हैं। न मंडी खत्म होगी न मंडी अधिनियम और न ही न्यूनतम सर्मथन मूल्य। मंडी विधेयक का पंजाब और हरियाणा के कुछ निश्चित लोग फायदा उठा रहे थे। अब वही लोग विरोधी दल के साथ कृषि विधेयक पर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां जिलाध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी मोहित पांडेय, डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व एसपी केशव कुमार चौधरी रहे।
कौशल विकास से युवाओं को देंगे रोजगार
कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि युवाओं को कौशल विकास से जोडने पर फोकस है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल (आईआईएस) को अपडेट किया गया है। यहां पठन पाठक के जरिए युवाओं में कौशल विकास किया। दादानगर, कानपुर में सीटीआई भवन को अपग्रेड किया गया है। कौशल विकास के जरिए युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूर के पंजीयन की व्यवस्था शुरू की गई है। कोरोना में पलायन करने वाले मजदूरों का ब्योरा भी जुटाया गया है। कौशल के अनुसार रोजगार देने का काम भी किया गया है। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बटाईदार को भूमिहीन किसान माना है। इसी के अनुसार उन्हें फसल की क्षति, लोन व अन्य सुविधाएं देने का कदम उठाया है। कहा कि इससे किसानों की बेहतरी होगी। बटाईदार को दिए हक से भूमि के स्वामी किसानों का मालिकाना हक बरकरार रहेगा। इसकी व्यवस्था की गई है।