मीट खाना सेहत केलिए नुकसानदेह है। इसके लिए मुस्लिम धर्मगुरु भी फतवा जारी करें। देश में गऊ हत्या पर चल रही बहस में मुस्लिम आगे आएं और इसका विरोध करें। यह बात बुधवार को देवकीनंदन महाराज ने पत्रकार वार्ता में कही।
वाराणसी में साधु-संतों पर हुए लाठीचार्ज को पाप बताते हुए उन्होंने साफ कहा कि देश में गोमांस के नाम पर वोटों की राजनीति हो रही है। इसीलिए हमारे नौनिहाल मिलावटी दूध पीने को मजबूर हैं। ऐसा कर रहे नेताओं की बयानबाजी पर बैन लगना चाहिए।
देवकीनंदन ने शहरों में जगह-जगह सड़कों पर स्थापित हो रहे धार्मिक स्थलों का भी विरोध किया। बोले, यह सिर्फ जमीन पर अतिक्रमण है। शनिदेव के नाम पर तेल की भीख मांगने वालों का भी विरोध किया। कहा कि अगर संत का लक्ष्य लोगों में धर्म और भक्ति पहुंचाना है तो कथा के नाम व्यवसायीकरण गलत नहीं है।
उधर, मोतीझील में श्रीराम कथा के पांचवें दिन उन्होंने संदेश दिया कि धर्म के नाम पर दिखावा गलत है। टाइम पास करने के लिए कथा न सुनें। उन्होंने राजा रूपसेन का किस्सा सुनाते हुए बच्चों को भारत की संस्कृति सिखाने पर जोर दिया।