लूट की गढ़ी थी फर्जी कहानी
इस पर पुलिस ने रात में ही रिश्तेदारों को फोनकर रुपये देने की बात पूछी। दो रिश्तेदारों ने रुपये न देने की बात कही। इसी पर पुलिस का शक गहराया और कड़ाई से पूछताछ की। इस पर वह टूट गया और उसने लूट की फर्जी कहानी बनाने की बात कबूल कर ली। साढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश कुमार सिंह ने बताया जसवीर पाल ने प्लॉट खरीदकर कुछ नकदी देकर रजिस्ट्री करा ली थी। उधार के सात लाख रुपयों में पांच लाख न देना पड़े, इसलिए लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी। झूठी सूचना देने पर रिपोर्ट दर्जकर उसे जेल भेजा गया।