कन्नौज मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के बाद लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे तीन चिकित्सा शिक्षकों को शासन ने बर्खास्त कर दिया है। मेडिकल कॉलेज से भेजी गई सूचना पर यह कार्रवाई की गई है। इससे मेडिकल कॉलेज में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों में खलबली है।
शासन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक विभाग में चिकित्सकों की नियुक्ति की है। यहां नियुक्ति के बाद से तीन प्रवक्ता कई सालों से गैरहाजिर चल रहे थे। कॉलेज प्रशासन ने कई बार गैरहाजिर रहने वाले लोगों को नोटिस भेजकर बुलाया। यह ड्यूटी पर नहीं लौटे।
शासन ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज प्रशासन से गैरहाजिर रहने वाले चिकित्सकों के नाम मांगे थे। कॉलेज प्रशासन ने लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों की जानकारी शासन को भेज दी। मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के 31 डॉक्टरों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की है।
इनमें कन्नौज के तिर्वा मेडिकल कॉलेज का नाम भी शामिल है। कन्नौज मेडिकल कॉलेज में सालों से गैरहाजिर चल रहे मेडिसिन विभाग के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद इकबाल, सर्जरी विभाग की सोनल सचदेवा और मेडिसिन विभाग की डॉ. रश्मि रस्तोगी को बर्खास्त किया गया है।
प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि तीनों डॉक्टर मेडिकल कालेज में नियुक्ति के बाद कई सालों से गैरहाजिर थे। इन्होंने गैरहाजिर रहने का कारण नहीं बताया था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।