मेडिकल कालेज पुल से हैलट मार्ग पोस्टमार्टम हाउस तक लगे जाम में फँसी महापौर प्रमिला पांडेय की गा
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कानपुर। मेडिकल काॅलेज पुल पर सुबह तीन घंटे तक वाहन रेंगते रहे। इसमें महापाैर और एंबुलेंस भी फंसीं रहीं। एंबुलेंस को हैलट गेट तक 800 मीटर की दूरी तय करने में 15 मिनट से ज्यादा समय लगा। जाम में फंसी एंबुलेंस सायरन बजाती रहीं। तीमारदार और मरीज बेचैन रहे। जाम खुलवाने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे जाम लगना शुरू हो गया। इस दौरान सैकड़ों वाहन सवारों के साथ मरीजों को ले जा रहीं कई एंबुलेंस फंस गईं। कई दरोगा और पुलिसकर्मी जाम खुलवाने में लगे रहे। कोई हाथ देकर रास्ता साफ कराते दिखा तो कोई बीच सड़क दौड़कर वाहनों को किनारे लगवाता नजर आया। घंटों की मशक्कत के बावजूद जाम कम नहीं हुआ और हालात बिगड़ते चले गए। सबसे ज्यादा चिंता उन एंबुलेंस को लेकर रही जिनमें गंभीर मरीज थे। सायरन की तेज आवाजें सड़क पर गूंजती रहीं। करीब दो ढाई बजे के आसपास जाम के हालात सामान्य हो सके। स्वरूप नगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि हैलट से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक वाहनों का काफी दबाव था। पुलिस पूरी मुस्तैदी से लगी रही और वाहनों को निकाले। जाम में कई वीआईपी, जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी भी फंसे। जाम खुलवाने में स्वरूपनगर, हैलट चौकी के करीब छह से आठ दरोगा और यातायात पुलिस के टीएसआई और सिपाही लगे रहे। पोस्टमार्टम हाउस के सामने लाइन लगाकर उन लोगों ने वाहनों को दाहिने मोड़ने से मना करते हुए मोतीझील से घूमकर जाने के लिए कहा।
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आधा घंटे जाम में व्हीलचेयर पर फंसे बुजुर्ग को मिला सहारा
कैंट निवासी बुजुर्ग मोइनुद्दीन सोमवार को इलाज कराने के लिए स्वरूपनगर स्थित एक अस्पताल आए थे। हैलट मेट्रो स्टेशन के पास भीषण जाम में फंसने पर वह आधा घंटे तक व्हीलचेयर से निकलने की जद्दोजहद करते रहे। इस दौरान उन्हें देखकर स्वरूपनगर के एक दरोगा ने उनके बेटे फरीद के साथ व्हीलचेयर से पकड़ाकर जाम से बाहर निकाला।
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सड़क पर खड़े होकर चखा प्रसाद, रेंगे वाहन
ज्येष्ठ का दूसरा मंगलवार होने पर पोस्टमार्टम हाउस के सामने प्राचीन हनुमान मंदिर में एक भक्त ने भंडारा और शरबत का वितरण कराया। उन्होंने सड़क से हटकर सारी व्यवस्था की थी लेकिन प्रसाद ग्रहण करने में शामिल होने वाले लोगों ने सड़क को घेर लिया। इससे हैलट की ओर से वाहन सवार रेंगते हुए निकलने लगे। इस पर बार-बार वहां मौजूद पुलिसकर्मी उन लोगों को किनारे करते रहे।
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जाम लगने के कारण चार
तीमारदारों का पैदल सड़क पार करना :
हैलट गेट के पास से दवा लेने और अस्पताल जाने वाले तीमारदारों की भीड़ के कारण गाड़ियां बार-बार रुकती हैं।
बॉटलनैक की स्थिति :
हैलट पुल से उतरते समय गोल चौराहे से आने वाली लेन का मिलान, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और गाड़ियां फंसने लगती हैं।
सड़क किनारे अवैध पार्किंग :
हैलट पुल से लेकर मोतीझील जाने और आने वाले रूट पर वाहनों के खड़े होने की वजह से आवाजाही में कम जगह बचती है।
ऑटो और बस की अराजकता :
हैलट के बाहर ऑटो लाइन से सड़क को घेरे खड़े रहते हैं, साथ ही प्राइवेट बस, एंबुलेंस भी सड़क पर कब्जा जमाए रहते हैं।
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