हैलट में बिजली न आने से परेशान मरीज और मोमबत्ती की रोशनी में हाथ का पंखा झलते तीमारदार। संजय लोचन पांडेय
- फोटो : amarujala
कानपुर। सबस्टेशन में खराबी से रविवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और संबद्ध पांच अस्पतालों, कॉर्डियोलॉजी, जेके कैंसर संस्थान की बिजली 14 घंटे गुल रही। वार्डों में मोमबत्ती की रोशनी में मरीज गर्मी से बेहाल रहे। ऑपरेशन वाले मरीज पसीने से तरबतर होकर कराहते रहे। जच्चा-बच्चा अस्पताल में प्रसूता और नवजात बेहाल रहे। टांके पकने का डर महिलाओं पर दिखा। केस्को अफसरों की लापरवाही से फॉल्ट ढूंढने में घंटों लग गए। देर रात तकरीबन 11 बजे बिजली आई।
मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों (हैलट, जच्चा-बच्चा, बाल रोग, डॉ. मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल, संक्रामक रोग अस्पताल) कॉर्डियोलॉजी, जेके कैंसर संस्थान, ब्वायज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, जूनियर डॉक्टरों के हॉस्टल के लिए स्वतंत्र फीडर है। रविवार सुबह तकरीबन नौ बजे अचानक बिजली गुल हो गई। इंजीनियरों को फोन किया गया तो उन्होंने थोड़ी देर में बिजली आने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उमस भरी गर्मी से बेहाल डॉक्टरों और मरीजों ने जब कई बार इंजीनियरों को फोन करना शुरू किया तो हलचल मची। बाद में पता चला कि सब स्टेशन में खराबी आई थी। मरीज के तीमारदार भी केस्को अफसरों को फोन मिलाते रहे।
बृजेंद्र स्वरूप पार्क से होती है सप्लाई
मेडिकल कॉलेज को बृजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित सब स्टेशन से सप्लाई होती है। तकरीबन एक महीने पहले सब स्टेशन में खराबी आने से आठ घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही थी। तब कमिश्नर ने अफसरों को फटकार भी लगाई थी लेकिन हालात जस के तस हैं।
सीटी स्कैनिंग हुई ठप
हैलट कैंपस में संचालित प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच ठप हो गई। जेनरेटर से सीटी स्कैन हुआ। शाम को जेनरेटर का तेल खत्म होने के बाद घंटों जांच नहीं हो पाई। रामादेवी में छत से गिरकर घायल मुन्ना को लेकर तीमारदार भटकते रहे। जूनियर डॉक्टरों ने बिना सीटी स्कैन इलाज से मना कर दिया।