कानपुर। आरटीओ कार्यालय में एक सप्ताह से मेडिकल सर्टिफिकेट न बनने से लाइसेंस नवीनीकरण कराने वाले लोग परेशान हैं। यहां डाॅक्टर के न बैठने से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से जरूरतमंद उर्सला के चक्कर लगा रहे हैं।
50 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति का लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एमबीबीएस डॉक्टर का प्रमाणपत्र अनिवार्य होता है। कई वर्ष पहले आरटीओ कार्यालय में लोगों को सुविधा पहुंचाने के लिए डॉक्टर की तैनाती की गई थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से तैनात डॉक्टर आवेदकों की आंखों और हाथ व पैर की जांच कर प्रमाण पत्र देते थे। एक सप्ताह पहले सीएमओ हरिदत्त नेमी ने आरटीओ कार्यालय में तैनात डॉक्टर को हटा दिया है।
कार्यालय आए जवाहरपुरम निवासी अरविंद पटेल और कणिका देवी ने बताया कि दो दिन से चक्कर काट रहे हैं लेकिन मेडिकल प्रमाणपत्र के अभाव में उनका लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पा रहा। आरटीओ राकेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सीएमओ को दो बार पत्र भेजा जा चुका है लेकिन अब तक डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सीएमओ की उदासीनता से लोग परेशान हैं।