कानपुर। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने देशभर के एलोपैथिक मेडिकल कालेजों में फैमिली मेडिसिन का एमडी कोर्स शुरू करने की मौखिक मंजूरी दे दी है। इसका पाठ्यक्रम आईएमए तैयार कर रहा है। यह जानकारी आईएमए सीजीपी के डीन डॉ. वीके मोंगा दी। वह रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कालेज ऑफ जनरल प्रैक्टिशनर्स (आईएमए सीजीपी) रिफ्रेशर कोर्स का उद्घाटन करने लाजपत भवन आए थे।
मुख्य अतिथि डॉ. मोंगा ने बताया कि आईएमए देश के हर मेडिकल कालेज में फैमिली मेडिसिन कोर्स शुरू कराना चाहता है। इस संबंध में उनकी चार दिन पहले एमसीआई की पोस्ट ग्रेजुएट सेल के साथ बैठक हुई थी। इसमें फैमिली मेडिसिन कोर्स शुरू करने पर सहमति बन गई है। समारोह में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी, आईएमए की अध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी, सचिव डॉ. अर्चना भदौरिया, डॉ. नीलम मिश्रा, डॉ.एचएस चावला, डॉ.आईएस आहूजा, डॉ. देवेंद्र लाल चंदानी, डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. सी निहलानी, डॉ. पंकज गुलाटी आदि शामिल रहे।
कोर्स से मिलेगा सही इलाज
एमबीबीएस के बाद फैमिली मेडिसिन से एमडी के कोर्स में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, जनरल आर्थोपेडिक, जनरल स्त्री रोग और जनरल बाल रोग के बारे में पढ़ाया जाएगा। कोर्स करने वाला मरीज और उसके परिवार के सभी सदस्यों का सही इलाज कर सकेगा। सामान्य बीमारी में फैमिली के सदस्यों को अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञों के पास नहीं जाना पड़ेगा।
एक्ट का विरोध
डॉ. मोंगा ने क्लीनिकल स्टेबिलिशमेंट एक्ट का विरोध किया है। कहा कि जहां सिर्फ पति-पत्नी या एक-दो डॉक्टर तैनात हैं, उन क्लीनिकों को इस एक्ट की परिधि में नहीं लाना चाहिए। हर राज्य में अलग-अलग काउंसिल होने का हवाला देकर बड़े अस्पतालों को भी इसके दायरे से बाहर रखने, एक्ट के क्रियान्वयन के लिए गठित 21 सदस्यीय कमेटी में मात्र तीन एलोपैथिक डॉक्टर, पुलिस अफसर के होने का विरोध किया। कहा कि कमेटी का अध्यक्ष डीएम के बजाय सीएमओ को बनाया जाए।
पुतली पतली करने से उतर सकता है चश्मा
आईएमए के सीजीपी रिफ्रेशर कोर्स में व्याख्यान देने आए लखनऊ के डॉ. सुधीर ने बताया कि पुतली को पतला करने से चश्मा उतर जाता है। लेसिक लेजर विधि से 18 से 50 साल तक के लोग यह ऑपरेशन करा सकते हैं। इस विधि से माइनस सात, आठ नंबर वालों का चश्मा उतर सकता है, जबकि इससे ज्यादा वालों के चश्मे के लेंस की मोटाई कम हो सकती है। युवाओं में इसके प्रति रुझान भी बढ़ रहा है।
लखनऊ से आए वरिष्ठ ईएनटी सर्जन एवं मुख्यमंत्री के चिकित्सक डॉ. रोहित भाटिया के अनुसार जंक फूड, फास्ट फूड से भी खर्राटे की समस्या बढ़ रही है। तालू कमजोर होकर लटकने से खर्राटे आते हैं। 25 प्रतिशत लोगों में यह समस्या है। ऐसे लोगों को करवट लेकर सोना चाहिए। ऑपरेशन से इस बीमारी से निजात पाना संभव है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइक्रियाट्री, रांची की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शाजिया वकार के अनुसार लंबे समय तक तनाव में रहने से मानसिक और शारीरिक दिक्कतें हो सकती हैं। तनाव से डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां होने के साथ ही अवसाद और नशे की लत बढ़ने लगती है। तनाव से छुटकारा पाने के लिए छह से आठ घंटे की नींद, पौष्टिक खानपान, नियमित व्यायाम, समय का सदुपयोग, हंसना-हंसाना, पसंद के कार्यों को करना