बसपा से निष्कासन के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ऑडियो क्लिप से पार्टी और राजनैतिक गलियारों में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है। आखिर मायावती ने नसीमुद्दीन पर पलटवार करते हुए कई बड़े हमले किए। जिसके बाद अब बहुजन समाज पार्टी में सिद्दीकी समर्थकों द्वारा विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। मायावती ने गुरुवार को कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुत बड़ा ब्लैकमेलर है और उसने गलत तरीकों से बहुत पैसे कमाए हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी फंड के पैसे का दुरुपयोग किया। हमने उनसे चंदे के हिसाब मांगा था, जो उन्होंने नहीं दी। हमें कई लोगों की ओर से शिकायत मिलीं, सिद्दीकी पार्टी फंड के पैसे का गलत इस्तेमाल कर रहा है। तमाम शिकायतें आने के बाद मजबूरी में आकर पार्टी से बाहर निकालना पड़ा।
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उसने अपने हिस्से की बातों को किया डिलीट
मायावती
बसपा प्रमुख मायावती ने आगे कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की है। उसने अपने हिस्से की बातों को डिलीट कर दिया और सिर्फ मेरी बातों को ही गलत तरीके से पेश किया। ऑडियो टेप में सिर्फ अपने मतलब की बातें ही उसने सुनवाईं। मायावती ने ये भी कहा कि पार्टी को गरीब मजदूरों से पैसे मिले। उनके पैसे नजीमुद्दीन सिद्दीकी खा गए। यही वजह रही कि हमने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। यहां तक कि वेस्ट यूपी के कई लोगों ने मांग की थी कि सिद्दीकी को जल्द से जल्द पार्टी से बाहर निकाला जाए।
सच्चाई तो यह है कि दाल में काला था
मायावती
मायावती ने नसीमुद्दीन के उन सभी आरोपों को भी नकार दिया, जिसमें सिद्दीकी ने दावा किया था कि बसपा प्रमुख ने उनकी बेटी की मौत पर उन्हें छुट्टी नहीं दी थी। मायावती ने कहा कि उन्हें पहली बार पता चला, सिद्दीकी की कोई बेटी भी थी। सच्चाई तो यह है कि दाल में काला था, लेकिन यह बहुत बड़ा था ये तो हमें जांच के बाद पता चला। नसीमुद्दीन पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का फोन टेप कर धमकाता था। उसने बीएसपी की मुहिम को भी तगड़ा नुकसान पहुंचाया।
आपत्तिजनक बातें मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं कहीं
मायावती
बसपा का विरोध होने पर मायावती ने बयान दिया कि मुस्लिम समाज को बसपा पर पूरा भरोसा है। मैंने कभी भी आपत्तिजनक बातें मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं कही। मैंने कई बार दूसरे मुस्लिम नेताओं को आगे बढ़ाने की बात कही, लेकिन सिद्दीकी उन लोगों को आने नहीं दे रहे थे। मुस्लिम समाज के लोग सिद्दीकी को कभी माफ नहीं करेंगे। सतीश चंद्र मिश्रा की प्रशंसा करता हुए मायावती ने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए बहुत कुछ किया। वे बेहद सुलझे और शिक्षित इंसान हैं। सतीश ने बसपा के लिए कई मुकदमे लड़े, लेकिन एक भी पैसा नहीं लिया। सच्चाई तो यह है कि सतीश चंद्र मिश्रा के पैरों के धूल के भी बराबर सिद्दीकी नहीं हैं।
मायावती ने कहा, 'मेरे भाई आनंद के आने से भी सिद्दीकी नाखुश था। वह सतीश चंद्र मिश्रा को पसंद नहीं करता था। यहां तक कि वह खुद को नंबर-2 के नेता के तौर पर पेश करता था। बसपा के संस्थापक कांशीराम ने मुझे चेताया था कि इस आदमी (नसीमुद्दीन सिद्दीकी) को मत मुस्लिम चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करो, वह हमें ही नुकसान पहुंचाएगा। आखिरकार उनकी बातें सच साबित हुई'।