कानपुर। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) शनिवार को जिले के 46 केंद्रों पर दो पालियों में हुई। पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) और दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) के अभ्यर्थी शामिल हुए।
कमला नगर स्थित सर पदमपत सिंघानिया एजूकेशन सेंटर से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित एवं विज्ञान के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। परीक्षा में बड़ी संख्या में जालौन, बांदा, महोबा समेत अन्य जिलों के सहायक अध्यापक, प्रधानाचार्य और प्रभारी प्रधानाध्यापक भी शामिल हुए।
अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित में संख्या प्रणाली, प्रतिशत, लाभ-हानि, अनुपात, बीजगणित, ज्यामिति एवं क्षेत्रमिति से प्रश्न पूछे गए, जबकि विज्ञान में बल, गति, ऊर्जा, विद्युत, चुंबकत्व, प्रकाश, ध्वनि व दैनिक जीवन से जुड़े सिद्धांतों पर आधारित सवाल शामिल थे।
भाषा और बाल विकास खंड के प्रश्न सामान्य स्तर के रहे। परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। प्रश्नपत्र में गणित एवं विज्ञान से 60, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से 30 तथा भाषा-1 और भाषा-2 से 30-30 प्रश्न शामिल रहे।
कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र की सीरीज पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था सीरीज सही क्रम में न होने से कई प्रश्न छूट गए। दोनों पालियों में कुल 37876 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। इसमें 37434 ने परीक्षा दी, वहीं 442 अनुपस्थित रहे।
शिक्षक बोले, दोबारा परीक्षा देना और पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण
परीक्षा में शामिल हुए सहायक अध्यापक, प्रधानाचार्य और प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्हें स्कूल के कार्यों के साथ-साथ बीएलओ ड्यूटी, सर्वे कार्य और विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा अपडेट करने जैसी कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसके बावजूद परीक्षा का भी दबाव है। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय के बाद दोबारा परीक्षा देना और पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सेवा संबंधी आवश्यकताओं के चलते उन्हें परीक्षा में शामिल होना पड़ रहा है।