चित्रकूट की मानिकपुर सीएचसी में प्रसव दर्द से कराहती गौरिया गांव की प्रसूता को रेफर तो किया गया लेकिन स्थानीय कुछ कर्मचारियों के इशारे पर परिजन प्रसूता को कस्बे के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां शुक्रवार को प्राईवेट चिकित्सकों ने आपरेशन कर बच्चे का जन्म तो सकुशल करा दिया लेकिन प्रसूता की जान नहीं बचा सके।
प्रसूता की मौत होते ही परिजनों ने निजी अस्पताल परिसर में हंगामा काटा। आरोपी डाक्टर समेत पूरा स्टाफ क्लीनिक से गायब हो गया है। पीड़ित ने थाने में भी तहरीर दी है। मानिकपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव निवासी अरुण कुशवाहा ने बताया कि उसकी पत्नी कल्पना (25) को तेज प्रसवदर्द होने पर गांव की आशा शीला के साथ सीएचसी में भर्ती कराया गया।