ससुराल वालों की बिना दहेज शादी की पहल से गदगद मोनिका बोली
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कार्तिक पूर्णिमा पर परिणय सूत्र में बंधने जा रहीं मोनिका त्रिवेदी अपने ससुराल वालों की अनोखी पहल से गदगद हैं। वह कहती हैं, एक नए परिवार का हिस्सा बनने जा रही हूं। भाग्यशाली बेटियों को ही ऐसी ससुराल मिलती है, जैसी मुझे मिल रही है। उम्मीद है कि मेरी शादी दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खात्मे की नजीर बनेगी। नई परंपराओं के आगाज का बीज बोएगी।
ऐसे लोगों को सबक मिलेगा, जो बेटियों की शिक्षा के बजाय दहेज को ही विवाह का आधार मानते हैं। ईश्वर से यही कामना हैै कि सात जन्मों तक मुझे ऐसे सास-ससुर मिलें। आरएसपुरम, सर्वोदय नगर की मोनिका की खुशियों के पीछे खड़े हैं, उनके ससुर प्रतिष्ठित अधिवक्ता कमलेश पाठक और दूरसंचार विभाग से सेवानिवृत्त सास सुषमा पाठक। दंपति ने अधिवक्ता बेटे चिन्मय की शादी में दहेज न लेने का फैसला किया है।
यही नहीं, सोमवार को बिठूर रोड स्थित पुरुषोत्तम ग्रीन में होने वाली शादी के दौरान सास-ससुर अपनी बहू को उपहार में कार भी भेंट करेंगे। मोनिका के पिता संजय त्रिवेदी दूरसंचार विभाग में राजभाषा अधिकारी के पद से रिटायर हैं। मोनिका ने प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनएनआईटी) से गणित में एमएससी की है, जबकि उनके होने वाले पति चिन्मय कानपुर कोर्ट में वकालत करते हैं। इनकी सगाई 25 अक्तूबर को हुई थी। (संवाद)