निकाह से इनकार पर शोहदे शमशाद ने बृहस्पतिवार सुबह सानिया का कत्ल करने की कोशिश की। रावतपुर इलाके में उसने बीच सड़क टेंपो रुकवाया और गर्दन पर चापड़ से ताबड़तोड़ दो वार किए।
रोकने की कोशिश में सानिया के दाहिने हाथ की नस भी कट गई। कुछ दूर पर मौजूद साइकिल पंचर बनाने वाला जावेद हमलावर की तरफ दौड़ा और चापड़ पकड़ लिया। जावेद की अंगुलियां लहूलुहान हो गईं।
जावेद की हिम्मत देख आसपास के लोग भी मदद को दौड़े। सभी ने मिलकर शमशाद को दबोच लिया और पुलिस के हवाले किया। इस बीच शमशाद का साथी सलमान भाग निकला। हैलट में भर्ती सानिया की हालत चिंताजनक है। कल्याणपुर पुलिस मौके पर लगभग 45 मिनट बाद पहुंची।
सानिया उर्फ शुभि आवास विकास केशवपुरम निवासी अख्तर अली की दूसरे नंबर की बेटी है। परिवार में मां अफसर जहां, चार बहनें और एक भाई आजाद है। सानिया कर्नलगंज निवासी नानी रोशन जहां के घर से कपड़े लाकर सिलाई का काम करती है। इसी से घर का खर्च चलता है। पिता मानसिक अस्वस्थ हैं।
बड़ी बहन रूबी ने बताया कि सानिया सुबह टेंपो से कर्नलगंज जा रही थी। कात्यान स्कूल के पास मुहल्ला निवासी सलमान और एल ब्लाक निवासी शमशाद ने टेंपो रुकवाया। सवारी समझकर टेंपो वाले ने रोक दिया। टेंपो में केवल दो-तीन लोग थे। अचानक शमशाद ने चापड़ निकाला और सानिया पर हमला बोल दिया।
चीख-पुकार मच गई। टेंपो वाला भी मदद को चिल्लाया। शमशाद को चापड़ समेत दबोच लिया गया। पुलिस के पहुंचने पर उसे कल्याणपुर पुलिस के हवाले किया गया।
इधर, सानिया को टेंपो से हैलट पहुंचाया गया। कुछ ही देर में परिजन भी पहुंच गए। सानिया की गर्दन का आधा से ज्यादा हिस्सा लटक गया था। दाएं हाथ की नस भी कटी थी। बोलने में दिक्कत के चलते ठीक तरीके से बयान नहीं हो सका। इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी शीशा कारीगर शमशाद गिरफ्तार है।
वह पेंटर तौफीक का बेटा है। तहरीर के मुताबिक कार्रवाई हो रही है। आरोपी चार साल से प्रेम संबंध की बात कह रहा है। दूसरे साथी को भी जल्द ही पकड़ा जाएगा।
जान पर खेलकर सानिया को बचाया
एक सिरफिरा शोहदा सानिया पर चापड़ से कातिलाना हमला कर रहा था। चंगुल में फंसी सानिया को कुछ समझ नहीं आ रहा था वह सिर्फ चीख रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह वाकया एक-दो नहीं काफी लोग देख रहे थे लेकिन कोई शोहदे शमशाद को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
करीब ही पंचर बना रहे जावेद से नहीं रहा गया। शमशाद सानिया के पेट में चापड़ भोंकने जा रहा था तभी जावेद ने अपना हाथ आगे बढ़ाकर चापड़ पकड़ लिया। उसकी दो अंगुलियां कटीं, खून टपकने लगा लेकिन जावेद ने चापड़ नहीं छोड़ा।
जावेद को अकेले भिड़ा देख भीड़ में से ही कुछ और लोगों की हिम्मत बंधी और उन्होंने शमशाद को दबोच लिया। इधर, शमशाद का साथी सलमान भाग निकला। जावेद आवास विकास तीन कल्याणपुर का रहने वाला है और कात्यान स्कूल के पास इसकी पंचर बनाने की दुकान है।