नितिन उसे मारता-पीटता था इसलिए अखिलेश ने उसे धर्मेंद्र व उसकी पत्नी रानी के पास भेज दिया। रानी एक एनजीओ चलाती है। यहीं से झांसी के रहने वाले किशन नाम के व्यक्ति से शादी कराने का सौदा तय हुआ। सावित्री को यह लोग झांसी ले गए। इसके बाद लौट आए। कुछ दिन रहने के बाद सावित्री 50 हजार रुपये की मांग करने लगी। इसके बाद धर्मेंद्र अपनी कार से अखिलेश और रानी को लेकर सावित्री को समझाने गए।
मां-बेटी को गंभीर हालत में फेंककर चले गए
वहां पर सावित्री ने पूरा चिट्ठा लोगों के सामने खोलने की बात कही। इस पर उसे समझाने के बहाने लेकर वहां से चले। रास्ते में विवाद होने लगा। पहले सावित्री पर ईंट से हमला किया। इसके बाद मां-बेटी को गंभीर हालत में फेंककर चले गए। गंभीर घायल सावित्री की मौत हो गई। बेटी पूरी तरह ठीक है। ललितपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के बारे में भी स्थानीय पुलिस पता लगा रही है।
गांव में पसरा रहा सन्नाटा, कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं
गुरगांव में पुलिस की दबिश के बाद अखिलेश, धर्मेंद्र और रानी के पकड़े जाने के सन्नाटा पसरा रहा। आरोपियों के घर पर भी कोई नजर नहीं आया। अखिलेश के घर पर ताला लटकता रहा। गांव के लोग कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए। जबकि गांव की महिलाएं अखिलेश की आदतों पर चर्चा करती रहीं। नितिन के पिता सुशील, मां प्रभा देवी, भाई रितिक गमगीन नजर आए।
घर पूछने गए, तो डांट कर भगा दिया था
सुशील ने बताया कि 15 अगस्त को पोती अंशिका का जन्मदिन मनाया था। सभी खुश थे, मगर अखिलेश ने उसके घर को उजाड़ दिया। उनका आरोप है कि अखिलेश अपना दबदबा बनाने के लिए जबरन बहू को लेकर गया। जब उसके घर पूछने गए तो डांट कर भगा दिया था। आरोप लगाया कि उसने इस मामले में भोगनीपुर कोतवाली में शिकायत की थी, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
ज्वैलर्स के पर्स से घरवालों तक पहुंची पुलिस
अखिलेश व उसके साथी धर्मेंद्र ने सावित्री की हत्या करने के बाद शव को फेंककर निकल गए। ललितपुर जिले के तालबेहट पुलिस ने शव मिलने के बाद छानबीन की] तो उसे मृतका के पास से ज्वैलर्स का छोटा पर्स मिला, जिसमें भोगनीपुर कानपुर देहात का पता लिखा था। पर्स में मिले कागज पर नितिन का फोन नंबर लिखा था। इस पर पुलिस ने कानपुर देहात पुलिस से संपर्क करने के बाद नितिन के पिता सुशील को फोन किया। सुशील के अनुसार पुलिस ने बहू व बेटी की फोटो मांगी। फोटो दिखाने पर पहचान हुई।
पति की तहरीर पर चार पर मुकदमा दर्ज
सुनीता उर्फ सावित्री के पति नितिन पुत्र सुशील कुमार निवासी गुरगांव थाना भोगनी पुर जिला कानपुर देहात ने पुलिस को तहरीर देकर अवगत कराया कि चार सितंबर को उसकी पत्नी सुनीता उर्फ सावित्री अपनी एक वर्ष की पुत्री अंशिका के साथ पप्पू उर्फ अखिलेश सचान निवासी गुरगांव व उनकी पत्नी विद्यादेवी के घर गई थी।
पप्पू और उसकी पत्नी शादी की दलाली करते थे
एक बजे दोपहर को वह पप्पू के घर पत्नी और बच्ची के बारे में जानकारी करने गया। बताया कि वह धर्मेंद्र और रानी के घर गई है। चूंकि उसकी शादी पप्पू और विद्या ने सोनभद्र में एक मंदिर से कराई थी। विद्या की जेठानी ने बताया कि पप्पू और उसकी पत्नी शादी की दलाली करते हैं। इस बीच उसे राजमार्ग पर शव पड़े होने की जानकारी मिली तो वह देखने आया। यहां देखा तो शव मेरी पत्नी का था। पुलिस ने चारों आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
मासूम के सामने ही उतारा मां को मौत के घाट
हत्यारोपियों ने कार में सुनीता को उसकी 11 माह की पुत्री अंशिका के सामने ही मार दिया था। इतना ही नहीं अंशिका को तालबेहट में सुनसान एरिया में छोड़कर चले गए थे। कोतवाली तालबेहट के बप्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि मृतका वास्तविक रूप से कहां की रहने वाली है इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। क्योंकि कुछ लोग उसे गुडगांव का और कुछ सोनभद्र का बता रहे हैं।