कानपुर। एसआईटी की जांच में एक के बाद एक डिग्रियां और मार्कशीट फर्जी निकल रही हैं। बुधवार को असम के ईंटानगर की हिमालयन यूनिवर्सिटी और उत्तराखंड स्थित हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी के मार्कशीट और डिप्लोमा जांच में फर्जी मिले हैं। ऑनलाइन दिखने वाली इन दस्तावेजों का एसआईटी के सदस्यों ने यूनिवर्सिटी के गजट से मिलान किया तो वहां उनका कोई विवरण दर्ज नहीं मिला। इनमें हिमालयन यूनिवर्सिटी की बीएससी की एक मार्कशीट और हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी की बीकॉम की मार्कशीट और डिप्लोमा थे।
किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही कलां स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के कार्यालय में दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट और डिग्री बरामद हुईं थीं। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना रायबरेली के ऊंचाहार निवासी शैलेंद्र कुमार ओझा, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र तथा शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर 19 फरवरी को जेल भेजा था। आरोपियों से पूछताछ के बाद शुभम दुबे, शेखू, छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि और गाजियाबाद निवासी विनीत के नाम सामने आए हैं। विनीत को पुलिस ने पकड़ लिया है और अन्य की तलाश की जा रही है। आरोपियों के पास से मिली डिग्री और मार्कशीट के सत्यापन में टीमें जुटी हैं। अब तक सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद की लिंगाया विद्यापीठ, हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी और फिरोजाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी में भी दस्तावेजों का गजट से मिलान न होने पर फर्जी पाए गए थे।
असम के ईंटानगर की हिमालयन यूनिवर्सिटी और उत्तराखंड स्थित हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी के मार्कशीट और डिप्लोमा जांच में फर्जी मिले हैं। अन्य जगहों पर जांच चल रही है। -योगेश कुमार, एसआईटी प्रभारी