कानपुर। पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह की छह महीने बाद जेल से रिहाई हो गई है। अरिदमन के खिलाफ दर्ज सभी आठ मुकदमों में उसे जमानत मिल गई थी। जमानतें दाखिल होने और उनके सत्यापन के बाद कोर्ट के आदेश पर बुधवार शाम अरिदमन को जेल से रिहा कर दिया गया।
बसपा नेता पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 को चकेरी में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिंटू के भाई धर्मेंद्र ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पप्पू स्मार्ट समेत कई को जेल भेजा गया था। अग्रिम विवेचना के दौरान मुकदमे में अधिवक्ता धीरज उर्फ दीनू उपाध्याय और अरिदमन सिंह का नाम भी सामने आया था। इसके बाद इन दोनों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उसके खिलाफ छह और मुकदमे भी दर्ज थे। अरिदमन 25 अगस्त 2025 से जेल में बंद है। छह मुकदमों में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। पिछले दिनों पिंटू सेंगर हत्याकांड और गैंगस्टर के मुकदमों में भी उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद जमानतें दाखिल की गईं। कोर्ट से सत्यापन होने के बाद बुधवार को कोर्ट ने अरिदमन की रिहाई के आदेश दिए हैं। (संवाद)