कानपुर। स्नातक स्तर पर बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 12वीं में गणित अनिवार्य न होने के नियम का असर अब सामने आने लगा है। बिना गणित की पढ़ाई के प्रवेश लेने वाले कई छात्र सेमेस्टर परीक्षाओं में असफल हो गए हैं जिससे उनमें नाराजगी और चिंता बढ़ गई है।
फेल छात्रों का कहना है कि कोर्स के दौरान गणित आधारित विषयों को समझना उनके लिए काफी कठिन रहा। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने इसकी कमी पूरी करने के लिए कोई अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित नहीं कराईं जिससे उन्हें अचानक उच्च स्तर के विषयों का सामना करना पड़ा।
छात्रों के अनुसार प्रवेश के समय अतिरिक्त कक्षाएं कराने का आश्वासन दिया गया था लेकिन उन्हें सामान्य छात्रों की तरह ही पढ़ाया गया। कुछ छात्र सफल रहे लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों को बैक पेपर का सामना करना पड़ा है।