हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों ने मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार कर हड़ताल जारी रखी। इस कारण अधिकतर प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई बाधित हुई। जो स्कूल सिर्फ शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे थे, वहां पर ताले लटके रहे।
जिन स्कूलों में पढ़ाई शुरू भी हुई वहां शिक्षामित्रों ने जबरन ताले जड़ दिए। बच्चे स्कूल के बाहर कुछ देर इंतजार करने के बाद लौट गए। कहीं कहीं पढ़ाई के दौरान बच्चों को स्कूल से बाहर किया गया।
जिले के 2364 शिक्षामित्रों ने ऐलान किया है कि जब तक समाधान नहीं होगा हड़ताल जारी रहेगी। इस पर बीएसए विष्णु प्रताप सिंह ने कहा कि अगर शिक्षमित्र कुछ दिनों के भीतर काम पर नहीं लौटे तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
नाराज शिक्षामित्रों के अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के साथ ही घूम-घूम कर स्कूल भी बंद कराए। बिधनू में टोलियां बनाकर पूरे ब्लाक में घूमते हुए सभी 216 परिषदीय विद्यालयों में ताले डालकर पढ़ाई ठप करा दी।
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर सुनील सिंह, रवींद्र कुमार, शिव मोहन, विनीता, रमा, अनुज और विवेक आदि मौजूद रहे।
बिधनू शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष सुधीर द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश व्यापी अभियान के अंतर्गत दस टीमें बनाकर ब्लाक के सभी विद्यालयों में ताले डलवाए गए। इसके उपरांत सभा में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से नौकरी नहीं तो इच्छामृत्यु की मांग भी की गई।
खंड शिक्षाधिकारी पतारा और चौबेपुर कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने के साथ ही सैकड़ों शिक्षामित्रों ने कई स्कूल बंद कराए। प्राथमिक विद्यालय शिवराजपुर प्रथम में हंगामा करते हुए ताला डाल दिया। प्राथमिक विद्यालय रमेल नगर, प्राथमिक विद्यालय इंधना शिवराजपुर में भी यही नजारा देखने को मिला।
शहर के परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय कन्या प्रथम और प्राथमिक विद्यालय परमट द्वितीय में ताला बंद रहा। ये स्कूल शिक्षामित्र कांती सिंह और शुभा श्रीवास्तव की देखरेख में में चलते है। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह स्कूली बच्चे इंतजार करते रहे, कोई नहीं आया तो लौट गए। प्राथमिक विद्यालय सरसैय्या घाट भी बंद मिला।
यह शिक्षामित्र शीलू कनौजिया की देखरेख में चलता है। प्राथमिक विद्यालय बेनाझाबर खुला था, लेकिन चार शिक्षामित्रों के हड़ताल पर जाने से प्रिंसिपल अनूप शुक्ला और नीरज मिश्रा सभी कक्षाओं को संचालित करने के लिए मशक्कत करते नजर आए।
कल्याणपुर, बिधनू, ककवन, शिवराजपुर, चौबेपुर, पतारा, सरसौल सहित सभी दस ब्लाकों में शिक्षामित्रों की हड़ताल के चलते पठन-पाठन प्रभावित रहा। स्कूलों में ताला जड़ने पर अधिकारियों ने भी शिक्षामित्रों पर नाराजगी जताई है।
हड़ताल में प्रमुख रूप से शिक्षामित्रों के नेता दुष्यंत यादव, जितेन्द्र यादव, अरुण, विजय गौतम, त्रिभुवन कुशवाहा, पंकज पाल, सूर्यनारायण मिश्रा हरिओम भदौरिया सहित अन्य शिक्षामित्र सक्रिय रहे।
बच्चे भी मिड डे मील खाकर चलते बने
शिक्षामित्रों की टोलियां ने स्कूल बंद कराए तो छोटे बच्चों में जैसे खुशी की लहर दौड़ गई। पढ़ाई से बचने के लिए बच्चे खुशी खुशी बस्ता उठाकर घरों की ओर चल दिए। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई के नाम पर मंगलवार को सिर्फ मिड डे मील ही बांटा जा सका। पढ़ाई तो हो ही नहीं पाई।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया किनारा
शिक्षामित्रों की हड़ताल से प्राथमिक शिक्षक संघ ने किनारा कर लिया है। संघ के अध्यक्ष अनूूप शुक्ला ने बताया कि विरोध प्रदर्शन से मासूमों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संगठन के महामंत्री मुजफ्फर हुसैन ने कहा कि शिक्षामित्रों की हड़ताल में प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक सहयोग नहीं करेंगे।
शुक्रवार से काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन
शिक्षामित्रों के नेता दुष्यंत यादव ने चेतावनी दी कि बुधवार और गुरुवार को दो दिन स्कूलों में अवकाश के चलते शुक्रवार से शिक्षामित्र हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
साउथ में भी पढ़ाई बाधित
साउथ सिटी के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। बाबूपुरवा प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षामित्रों के हड़ताल पर रहने से पढ़ाई ठप हो गई। बच्चों की छुट्टी कर दी गई।
इसी तरह मुंशीपुरवा, गुजैनी के जे, जी और आई ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यालय और विश्व बैंक बर्रा के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षा मित्रों के न होने से भी शैक्षिक कार्य प्रभावित रहा।