फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: सड़क दुर्घटनाओं में असली आरोपी को बचाने के लिए 25 हजार में सौदा करता था मनोज

Sun, 14 Dec 2025 01:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। कूट रचित दस्तावेजों पर जमानत लेकर रुपये कमाने वाला मनोज समय के साथ शातिर बनता चला गया। उसने वाहन चलाने के लिए मिले लाइसेंस का आपराधिक गतिविधियों में प्रयोग करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सात ऐसे मामलों में स्वयं को चालक दर्शाया है। जिनमें घायलों की जान गई है।
विज्ञापन

वाहन चलाते वक्त परिवार की खुशियां सुरक्षित रखने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए शासन की ओर से नियमों की अनदेखी करने वालों के नए मोटर वाहन कानून में कठोर प्रावधान किए हैं। यहां तक कि लगातार अनदेखी करने वालों का लाइसेंस भी निरस्त करने का प्रावधान किया है मगर भिखनापुर के शातिर मनोज ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस का प्रयोग हादसा कर भागने वाले चालकों को बचाने में प्रयोग करना शुरू कर दिया।
उसने वर्ष 2024 से अब तक अकबरपुर सर्किल के चारों थाने अकबरपुर, रूरा, रनियां, गजनेर के अलावा भोगनीपुर व सिकंदरा थाना में हुए ऐसे सड़क हादसों में स्वयं को चालक दर्शा कर कोर्ट से जमानत ली। जिनमें घायल व्यक्तियों की जान चली गई। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों ने मनोज के लाइसेंस को निरस्त करवाने की सुध नहीं ली। वहीं, नए मोटर वाहन कानून में सड़क हादसों में तीन लोगों से अधिक की मौत हो जाने पर लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। इसके अलावा मनोज ने इकघरा के बट्टन के साथ मिलकर जेल में बंद कई शातिरों को कूटरचित दस्तावेजों पर जमानत देखकर जेल से रिहाई करवा ली। जोकि अब जनता व पुलिस के लिए ही सिर दर्द बन सकते हैं।
विज्ञापन

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जेल में बंद किसी भी व्यक्ति की जमानत लेने के लिए वह आठ से 10 हजार रुपये वसूल करते थे। जबकि मनोज सड़क हादसे के मामले में स्वयं को चालक दर्शाने के लिए हादसा करने वाले असली चालक से करीब 25000 रुपये वसूल करता था। रूरा थानाध्यक्ष अमित शुक्ला ने बताया कि आरोपी मनोज का लाइसेंस निरस्त करने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी जा रही है। वहीं आरोपियों की ओर से ली गई जमानत पर रिहा हुए शातिरों के खिलाफ कोर्ट के आदेश अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें