डॉ. मनमोहन सिंह
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पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का कानपुर से भी नाता रहा है। जब-जब कानपुर की बात उठी है, उन्होंने आगे बढ़कर यहां के लोगों को सुना और उस पर अमल भी किया। बात 1992 की है, जब उन्होंने महानगर के कांग्रेसी नेता और पूर्व एमएलसी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में 1984 दंगा पीड़ितों का कर्जा माफ करने के लिए दिल्ली में धरना दिया था।
इस पर तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने सुनवाई करते हुए रिजर्व बैंक को 25 हजार तक के कर्जे माफ करने का निर्देश दिया था।दरअसल 1984 में दंगों के बाद पीड़ित सिख परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया था, उस समय केंद्र सरकार ऐसे परिवारों को बैंकों से 50 हजार तक का कर्जा लेने के लिए शर्तों में छूट दी थी। बाद में जब पीड़ित परिवार यह कर्जा देने में असमर्थ महसूस करने लगा, तो इसकी मांग कानपुर से उठी थी।