गुरुग्राम में रिक्शा चलाने वाले मानिकचंद से लॉकडाउन के कारण काम छिन गया। जो पैसे थे वह भी खर्च हो गए। आर्थिक संकट खड़ा हुआ तो उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परजिनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार में पत्नी और छह बच्चे हैं।
कन्नौज जिले में थाना इंदरगढ़ के लखौंडा निवासी मानिकचंद (45) पुत्र अंगने लाल गुरुग्राम में रहकर रिक्शा चलाता था। देश में लॉकडाउन के दौरान वह परिवार के साथ गांव आया था। गुरुवार शाम मानिकचंद्र घर से गेहूं काटने की बात कहकर निकल गया। देर शाम तक वापस न आने पर काफी देर तक परिजन ढूंढते रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
सुबह शौचक्रिया के लिए गए ग्रामीणों ने गांव के बाहर पेड़ पर एक युवक को लटके देख गांव आकर सूचना दी। कुछ देर बाद यह बात पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीण समेत परिजन भी भागते हुए मौके पर पहुंचे। यहां मानिकचंद का शव देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई।