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लॉकडाउन के कारण छिन गया काम, आर्थिक तंगी से परेशान होकर दे दी जान, शव देख मच गई चीखपुकार

Fri, 10 Apr 2020 07:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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यूपी पुलिस
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गुरुग्राम में रिक्शा चलाने वाले मानिकचंद से लॉकडाउन के कारण काम छिन गया। जो पैसे थे वह भी खर्च हो गए। आर्थिक संकट खड़ा हुआ तो उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परजिनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार में पत्नी और छह बच्चे हैं। 
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कन्नौज जिले में थाना इंदरगढ़ के लखौंडा निवासी मानिकचंद (45) पुत्र अंगने लाल गुरुग्राम में रहकर रिक्शा चलाता था। देश में लॉकडाउन के दौरान वह परिवार के साथ गांव आया था। गुरुवार शाम मानिकचंद्र घर से गेहूं काटने की बात कहकर निकल गया। देर शाम तक वापस न आने पर काफी देर तक परिजन ढूंढते रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

सुबह शौचक्रिया के लिए गए ग्रामीणों ने गांव के बाहर पेड़ पर एक युवक को लटके देख गांव आकर सूचना दी। कुछ देर बाद यह बात पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीण समेत परिजन भी भागते हुए मौके पर पहुंचे। यहां मानिकचंद का शव देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
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प्रभारी निरीक्षक सुजीत वर्मा, एसआई पंकज यादव पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक सुजीत वर्मा ने भीड़ लगाए लोगों को एक मीटर दूरी पर रहने के निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम ने गहनता से जांच व नमूना लेकर शव को नीचे उतरवाकर पीएम को भेजा।

जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मानिकचंद की पत्नी सीता ने बताया उसके छह बच्चे हैं और सभी नाबालिग हैं। मात्र एक बीघा खेती है। लॉकडाउन में काम छिन गया। इससे वह परेशान रहने लगे। इससे परेशान होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

राशन कार्ड न जाबकार्ड
मानिकचंद की मृत्यु के बाद पत्नी सीता के समाने छह बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। बताया कि उसके पास ना तो राशन कार्ड है ना जॉबकार्ड है। ऐसे में वह परिवार को चलाना मुश्किल है। उसने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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