कानपुर देहात। रसूलाबाद थाना क्षेत्र के इटैली वर्ष 2002 में हुई डकैती के मामले में एडीजी-3 की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को दोषी सिद्ध करते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर अर्थदंड लगाया है।
इटैली निवासी रामकुमार दीक्षित के घर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया था कि 18 मई 2002 की रात वह खेत पर कटाई करने गया था। घर पर पत्नी शशि, मां फूलश्री व पुत्रियों सोनम, खुशबू थे। रात में बदमाश सीढ़ी से छत के रास्ते से घर में दाखिल हुए। तमंचे के बल पर आभूषण व 11 हजार नगर लूट लिए थे। इसके बाद बदमाशों ने पड़ोस में रहने वाले राम प्रकाश शुक्ला के घर की छत पर सो रही बिटानी देवी के सोने के बाले, व बेसर के अलावा राम प्रकाश कहार की पत्नी के आभूषण लूट लिए थे। इसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले थे।
पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही नौ सितंबर 2002 को आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। एडीजीसी ने बताया कि मामले में मनोज निवासी इटैली की पत्रावली को पृथक कर दिया गया था। उसकी गिरफ्तारी होने पर मामले की सुनवाई स्पेशल जज एंटी डकैती कोर्ट में की गई। वादी व गवाहों के बयानों, पुलिस की विवेचना, अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार को मनोज को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर अलग-अलग धाराओं में आठ हजार रुपये जुर्माना भी किया।