उन्नाव में घरेलू हिंसा के आरोप में 15 दिन पूर्व जेल से छूटकर आए युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शुक्रवार सुबह युवक का घर में पत्नी से विवाद हुआ था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी।
इटावा थाना बसरिया के बदरियापुर गांव निवासी कमलेश (35) पुत्र दाताराम शहर के दरबारीखेड़ा स्थित ससुराल में पत्नी के साथ रहता था। वह अकरमपुर स्थित एक फैक्टरी में मजदूरी करता था। पत्नी नन्हकी ने बताया कि पति आए दिन मारपीट करता था।
तीन माह पूर्व उसने पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। 15 दिन पूर्व ही वह जेल से छूटकर बाहर आया था। जिसके बाद से वह गुमसुम रहने लगा था। पत्नी नन्हकी के अनुसार कमलेश जबरन जेल भिजवाने का आरोप लगाता था।
शुक्रवार सुबह इसी बात पर उसने विवाद किया और बाद में घर से निकल गया। घर से दो किलोमीटर दूर सुल्तानखेड़ा गांव के निकट करोवन क्रासिंग पर उसने लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही कोलकाता आगरा कैंट के आगे कूदकर जान दे दी। आसपास मौजूद रहे लोगों ने उसे बचाने की कोशिश भी कि लेकिन वह नाकामयाब रहे। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद कमलेश के ससुरालीजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दस साल पहले हुई थी शादी
मृतक कमलेश की दस साल पहले नन्हकी से शादी हुई थी। शादी के एक साल बाद ही उसने अपना घर छोड़ दिया था और पत्नी के साथ ससुराल में आकर रहने लगा था। यहां उसने फैक्टरी में काम करना शुरू कर दिया था। शराब पीने की वजह से उसका ससुरालीजनों से विवाद होता था। पत्नी का आरोप था कि शराब पीकर वह सभी को पीटता था।
गहने बेचकर पति को जेल से छुड़ाया
पत्नी नन्हकी ने जेल में बंद पति को छुड़वाने के लिए अपने गहने बेच दिए थे। शुक्रवार को जब वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंची तो पति के शव को देख अचेत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए भी उसके पास रुपये नहीं बचे थे। वह दो छोटे छोटे बच्चों को गोद में लेकर बिलखती रही।