हरदोई के पाली कस्बे में मेडिकल स्टोर संचालक की अपने ही परिसर में गोली लगने से मौत हो गई। पिता ने अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हत्या का मामला दर्ज करने वाली पुलिस ने शव के पास से सुसाइड नोट मिलने का दावा करते हुए इसे खुदकुशी की घटना माना है।
वारदात के केंद्र में है पाली के विरहाना मोहल्ला निवासी गंगाप्रसाद दिवाकर का बड़ा बेटा विवेक। गंगाप्रसाद घर में ही क्लीनिक का संचालन करने हैं, जबकि बीफार्मा डिग्रीधारी विवेक (25) का इसी परिसर में मेडिकल स्टोर है। रविवार सुबह नौ बजे क्लीनिक के केबिन से गोली चलने की आवाज आई।
विवेक का चचेरा भाई विपिन कुमार केबिन में घुसा तो विवेक को गोली लगने के बाद लहूलुहान और बेसुध हालत में पाया। कनपटी के पास लगी गोली सिर के पिछले हिस्से से पार हो चुकी थी। घर की दूसरी मंजिल पर मौजूद गंगाप्रसाद भी दौड़कर क्लीनिक के केबिन में दाखिल हुए।
तब तक विवेक की सांसें थम चुकी थीं। सूचना पर पहुंचे पाली थाने के इंस्पेक्टर डीपी सिंह और फोरेंसिक टीम ने मौके से कुछ नमूने लिए। पुलिस को वहां से 315 बोर का खोखा मिला लेकिन कोई असलहा नहीं मिला। शाम तक की छानबीन के बाद पुलिस ने शव के पास से सुसाइड नोट मिलने की जानकारी दी।
तब तक मृतक के पिता अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करा चुके थे। एसपी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि हत्या का मामला दर्ज कराने वाले गंगाप्रसाद ने अपनी या बेटे की किसी से रंजिश से इन्कार किया है। सुसाइड नोट रूपी पत्र में एक युवक और युवती के नाम लिखे हैं।
विवेक ने दोनों पर विश्वासघात का आरोप लगाया है। मामला विश्वासघात से टूटकर खुदकुशी का लग रहा है। जांच में ऐसा पाया गया तो दोनों के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। हैंडराइटिंग का मिलान कराया जा रहा है। इस बीच पुलिस ने विवेक का मोबाइल फोन, उसके पिता की लाइसेंसी बंदूक और राइफल कब्जे में ले ली है।