फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में गांव रोहिला के पास कथावाचक का शव सोमवार देर रात सड़क किनारे पड़ा मिला। पुलिस ने शव को लोहिया अस्पताल स्थित मुर्दाघर में रखवा दिया। सुबह पहुंचे परिजनों ने चोट देखकर हत्या की आशंका जताई है।
जनपद एटा थाना नया गांव के बंद नगर निवासी कथावाचक सर्वेश बाथम (35) पुत्र महेश चंद्र सोमवार सुबह मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव पखना मामा जयराम के घर कार से गए थे। वहां से अपने मामा व मामी को लेकर जनपद एटा के जैथरा में मामा के मैनपुरी के बेवर निवासी साले की सगाई में गए।
सर्वेश के कंधे, पीठ व नाक के नीचे चोट के निशान हैं
वहां से शाम को वापस आने पर सर्वेश के फोन पर एक काल आई। इसके बाद मामा को बताया कि वह हीरानगला अपनी मौसिया सास के यहां उनके नाती के जन्मदिन में शामिल होने जा रहा है। वह मामा की बाइक लेकर चले गए। रात करीब साढ़े नौ बजे मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव रोहिला के पास पुलिस कर्मियों ने सड़क किनारे सर्वेश को पड़ा देखा।
पुलिस कर्मी उन्हें लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां कथावाचक को मृत घोषित कर दिया गया। सर्वेश के पास मिले मोबाइल से उनके परिजनों को सूचना दी गई। परिजन मंगलवार सुबह लोहिया अस्पताल पहुंचे। पिता महेश ने हत्या की आशंका जताई। उनका कहना है कि सर्वेश के कंधे, पीठ व नाक के नीचे चोट के निशान हैं। इससे लग रहा है कि हत्या की गई है।
14 वर्ष पूर्व हुई थी सर्वेश की शादी
सर्वेश दो भाइयों में बड़ा था। चार बहने हैं। उनकी शादी हो चुकी है। छोटा भाई मिलन भी कथा कार्यक्रम के दौरान सर्वेश के साथ रहता था। सर्वेश के दो बेटियां कंचन (7), मानसी (9 माह) बेटा हिमांशु (4) है। पिता खेती व सब्जी बेचने का काम करते हैं। पत्नी सुनीता व मां शकुंतला देवी आदि परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
मोहम्मदाबाद कोतवाल जयप्रकाश ने बताया कि बाइक की स्थिति से लग रहा है कि पीछे से किसी वाहन में घुसी है। इससे जांच में प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सर्वेश की शादी नवाबगंज निवासी जगदीश बाथम की बेटी सुनीता से करीब 14 वर्ष पूर्व हुई थी। घटना की जानकारी होने पर सुनीता के मायके वाले भी लोहिया अस्पताल पहुंच गए। इससे वहां भीड़ लग गई।
सर्वेश कुमार सोने की अंगूठी व चेन पहने थे वह सुरक्षित मिली
सर्वेश के मामा जयराम के अनुसार वह हीरानगला मौसिया ससुर के घर जाने की बात कह वहां से निकले थे। पर, हीरा नगला निवासी मौसिया ससुर के परिजनों व ससुर जगदीश ने बताया कि सर्वेश वहां गए ही नहीं। जगदीश का कहना है कि वह पहले भी वहां कभी नहीं गए थे। सर्वेश का मोबाइल पुलिस के कब्जे में है। उसकी काल डिटेल से ही पता चल सकता है कि उसकी किससे बात हुई थी और किसके बुलाने पर वह बाइक लेकर मामा के घर से निकले थे।
कथावाचक सर्वेश कुमार सोने की अंगूठी व चेन पहने थे। वह सुरक्षित मिली है। यदि कोई लूट के इरादे से उनकी हत्या करता तो उनकी चेन व अंगूठी भी उतार ले जाता। सर्वेश पहले कथावाचकों के साथ ढोलक व चिमटा आदि बजाने का काम करते थे। करीब पांच साल से वह खुद कथा कहने लगे थे। अब भाई मिलन चिमटा व ढोलक आदि बजाता है।