कानपुर देहात। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कानपुर देहात में कूटरचित दस्तावेज से एमबीबीएस में दाखिला लेने के मामले में अकबरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले के आरोपी को अकबरपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को बिहार के पटना जिले से गिरफ्तार किया है।
अकबरपुर थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि बिहार के जिला मुंगेर थाना हवेली खड़गपुर ग्राम भलुआकोल निवासी सरोज कुमार को जीवनदान मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बेली रोड मेट्रो पिलर 140 इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास थाना रूपसपुर जिला पटना से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बलिया की रहने वाली दिव्यांशी भास्कर के शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र कूटरचित तैयार कर कानपुर देहात स्थित मेडिकल कॉलेज अकबरपुर प्रवेश दिलाने आया था। उन्हीं अभिलेखों के आधार पर दिव्यांशी का दाखिला हुआ।
बता दें कि नीट यूजी काउंसिलिंग 2025 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का लाभ लेने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाली बलिया की दिव्यांशी भास्कर सहित तीन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रवेश के बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से करवाए गए सत्यापन में प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी मिलने पर तीनों अभ्यर्थियों के प्रवेश रद्द कर कॉलेज से निष्कासित कर दिया था। इधर अकबरपुर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाली बलिया के कारो गांव निवासी दिव्यांशी भास्कर के खिलाफ पांच मई को बलिया के तहसीलदार अतुल हर्ष ने बलिया सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, लखनऊ के निर्देश पर दिव्यांशी भास्कर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र की जांच कराई गई थी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रमाणपत्र को फर्जी और कूटरचित बताया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रमाणपत्र जिलाधिकारी कार्यालय से जारी नहीं किया गया था। उस पर जिलाधिकारी के हस्ताक्षर और कार्यालय की मुहर भी फर्जी पाई गई। इसी प्रमाण पत्र के सहारे उसने मेडिकल कॉलेज कानपुर देहात में प्रवेश पाया था। थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी और जांच के बाद सरोज को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।