फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी विभागों ने बनाया अप्रैल फूल

Fri, 01 Apr 2016 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सिविल लाइन स्थित आयकर भवन में रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों की भीड़ लगी रही। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
कानपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन गुरुवार को केडीए, नगर निगम विकास कार्यों का पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए। पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी बजट पूरा खर्च नहीं कर सके। इस वित्तीय वर्ष में नगर निगम को विभिन्न मदों से विकास कार्यों के लिए 277.17 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। विभाग इसमें से 88.89 करोड़ के विकास कार्य ही करा सका और 56.85 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं, जबकि 117.01 करोड़ रुपये के कार्य अभी शुरू ही नहीं हो पाए हैं। ये सभी टेंडर प्रक्रिया में हैं। केडीए भी विकास, निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर मदों में से किसी भी मद में लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। फूलबाग में भूमिगत पार्किंग, गंगा बैराज के पास बॉटनिकल गार्डेन और मैनावती मार्ग पर केडीए ग्रींस का निर्माण रुकना इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
विज्ञापन

बजट खर्च से तय होगी अफसरों की परफारमेंस
कानपुर। स्वीकृत और खर्च बजट को आधार बनाकर ही जिले के अफसरों की सर्र्विस बुक बनाई जाएगी। ऐसा पहली बार होगा। डीएम कौशल राज शर्मा ने अफसरों को परफारमेंस का आधार चार महीने पहले ही बता दिया था। बताते चलें कि आईएएस और पीसीएस अफसरों के सर्विस बुक की इंट्री इसी तरह होती है। डीएम ने गुरुवार को सभी विभागों के बजट और उसके खर्च की समीक्षा की। कहा कि लगभग 100 फीसदी बजट खर्च हुआ है। मनरेगा, कृषक दुर्घटना बीमा, आम आदमी बीमा, आय, जाति प्रमाणपत्र का काम पूरा है। पट्टों का काम निपट गया है। शौचालयों का काम अंतिम चरण में है। बजट खर्च करने के मामले में कानपुर नगर का प्रदर्शन अच्छा रहेगा।
सीएसए ः50 लाख का फायदा
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को 31 मार्च का फायदा मिला है। बजट खपाने के चक्कर मेें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने गुरुवार को ही 50 लाख रुपये का बजट दिया। इसका आवंटन हॉस्टल, लैब और लाइब्रेरी के सुधार के लिए किया गया है। इससे पहले आईसीएआर ने 2 करोड़ 17 लाख और 94 लाख रुपये का बजट दो किस्तों में दिया था। इसका इस्तेमाल किया जा   चुका है। कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि बजट  लैप्स नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें