छिकहरा गांव में सड़क पर चिता बनाकर जाम लगाए ग्रामीण
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महोबा कोतवाली क्षेत्र के छिकहरा गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर शमशान घाट न होने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर ही शव रखकर चिता सजा दी और जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब तीन घंटे बाद जाम खुल सका और दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार कराया गया।
छिकहरा गांव निवासी दीना अहिरवार की पत्नी तारा देवी (65) की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। गांव में शमशान घाट नहीं है। इससे आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गांव की मुख्य सड़क पर चिता सजा दी। इससे सड़क पर जाम लगा गया। स्कूल से लौट रहे बच्चों समेत अन्य लोग जाम में फंसे रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान समेत प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार प्रार्थना पत्र देकर मांग की जा रही है लेकिन इसके बाद भी गांव में शमशान घाट के लिए जमीन आवंटित नहीं हुई।
नाराज ग्रामीण सड़क पर शव का अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गए। नंदराम, जयप्रकाश सिंह, दिलीप कुमार, उत्तम वर्मा, अर्जुन सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी शमशान घाट के लिए भूमि का आवंटन नहीं हुआ। ऐसे में वैकल्पिक स्थान पर शव का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में जलभराव होने से वैकल्पिक स्थान पर भी अंतिम संस्कार करने की जगह नहीं बची है। इसके चलते सड़क पर शव रखकर चिता लगाई गई है और अब यहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जाम लगने के करीब तीन घंटे बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। साथ ही जल्द शमशान घाट के लिए जमीन चिह्नित कर आवंटित करने का आश्वासन दिया। उधर, तहसीलदार दिवाकर मिश्रा का कहना है कि छिकहरा गांव में सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों की ओर से जाम लगाया गया था। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में शमशान घाट के लिए भूमि आवंटित की जाए। फिलहाल शव को सड़क से हटवाकर वैकल्पिक स्थान पर अंतिम संस्कार कराया गया है। जल्द ही पैमाइश कराकर शमशान घाट के लिए जमीन आवंटित करा दी जाएगी।