लगातार पानी बरसने से लगातार खर्चा बढ़ गया
महोबकंठ के कृष्ण कुमार निरंजन, सुरेश चंद्र पटेल, जगदीश चंद्र पटेल, कृष्ण कुमार अरजरिया, अरविंद गोस्वामी, मोहन अहिरवार के रिहायशी पक्के मकान पर नीम का पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। लेखपाल देवेंद्र राजपूत व ग्राम प्रधान ने क्षतिपूर्ति दिलाने का भरोसा दिया। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार किसान राजेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने महंगा बीज खरीद कर गेहूं की बोआई की थी, लेकिन लगातार पानी बरसने से लगातार खर्चा बढ़ गया है। अब लागत निकालना मुश्किल नजर आ रहा है।
-मौजा बेलाताल में मड़ाई के लिए रखी फसल बारिश में भीगने से काला पड़ रहा दाना
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गेहूं के दाने पड़ सकते हैं काले
बेलाताल संवाद के अनुसार जैतपुर, लमौरा, मंगरौल खुर्द, महेबा समेत आसपास के क्षेत्रों में एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। किसान रमेश चंद्र राजपूत, बाबूलाल राजपूत, दिलीप, संतोष, धीरज, शिवम, राहुल और देवेंद्र यादव ने बताया कि सुबह हुई बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। इससे फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ने का खतरा है। यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
पड़ोरा गांव में बारिश से भीगी गेहूं की फसल को पलटता किसान
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जनपद में 2.32 लाख हेक्टेयर में बोई गई रबी सीजन की फसल
इस वर्ष रबी सीजन में 2.32 लाख हेक्टेयर में रबी सीजन की फसल की बोआई की गई है। इसमें 1.02 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 40 हजार हेक्टेयर में सरसों, 70 हजार हेक्टेयर में मटर व 20 हजार हेक्टेयर में चना की फसल बोई गई जबकि जिले में 39 हजार 256 किसानों ने 50 हजार 925 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई फसल का बीमा कराया है।
किसानों को दिया जाए बर्बाद फसलों का मुआवजा
बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का किसानों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र में बताया कि हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट में पिछले दिनों भारी बारिश व ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गईं। किसानों को काफी हानि का सामना करना पड़ा। दैवीय आपदा की वजह से फसलों में भारी नुकसान होने से किसान दुखी हैं।
ब्लॉक चरखारी के पड़ोरा गांव में आंधी-बारिश से बालियां झड़ने पर फसल को देखता किसान
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बारिश की वजह से कुछ स्थानों पर फसलें भीग गई हैं। फसल बीमा क्लेम के लिए किसान बीमा कंपनी में व्यतिगत दावा करें। ताकि उन्हें फसल बीमा का लाभ मिल सके। -दुर्गेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी, महोबा