एडीएम और डीएसओ को समाधान के निर्देश
उसने गांव में आस-पड़ोस में मांगकर 11 खाली सिलिंडरों का इंतजाम कर लिया है, लेकिन अब सिलिंडर भराने की चुनौती आ गई है। सिलिंडर कैसे भरेंगे यह समझ में नहीं आ रहा है। उसने गैस एजेंसी में बातचीत की, लेकिन वहां से साफ मना कर दिया गया। जिलाधिकारी ने एडीएम और डीएसओ को समाधान के निर्देश दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी का कहना है कि शादी का मामला सामने आया है। नियमानुसार गैस सिलिंडरों की व्यवस्था कराई जाएगी।
बिना सिलिंडर नहीं बनेगी बात
कैटरिंग संचालक बिना सिलिंडर ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। वह आयोजक से ही सिलिंडर की व्यवस्था कराने की बात कह रहे हैं। शहर के राजू-विशाल कैटर्स से बातचीत की तो उन्होंने सारी व्यवस्थाओं पर हामी भरी लेकिन गैस सिलिंडर के बावत उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। आदित्य ने बताया कि कैटरिंग वालों ने कहा कि गैस सिलिंडर की व्यवस्था करके देना ही पड़ेगा, तभी आगे काम होगा। वह सिलिंडर का इंतजाम नहीं कर पाएंगे।
लकड़ी का विकल्प भी आजमाया
आदित्य ने खाना पकवाने के लिए हलवाई से लकड़ी-कोयला भट्टी का विकल्प भी बताया, लेकिन हलवाई ने गर्मी के इस मौसम में भट्ठी पर काम करने से हाथ खड़े कर दिए और हर हाल में सिलिंडर लाने को कहा। इसके बाद से आदित्य सिलिंडरों की व्यवस्था के लिए प्रयासरत है।
सपा व्यापार सभा ने जन आंदोलन की दी चेतावनी
गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में कमी, महंगाई आदि को लेकर समाजवादी व्यापार सभा की ओर से मिल्कीपुरा में बैठक की गई। इसमें बढ़ती महंगाई, गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में कमी को लेकर सरकार की निंदा करते हुए नाराजगी जताई गई। जिलाध्यक्ष संतोष साहू ने कहा कि इन समस्याओं के खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा। गैस सिलिंडर न मिलने से सड़क किनारे दुकान लगाने वाले, होटल, ढाबा कारोबारियों का व्यापार चौपट हो चुका है।