ब्लॉक पनवाड़ी के नैपुरा समिति में खाद वितरण के दौरान शनिवार को लाइन में लगे किसानों को व्यवस्थित कराने के लिए पुलिसकर्मी के लाठी भांजने से अफरातफरी मच गई। बचाव और भागने के दौरान चार किसान गिर गए। जो गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया गया। जहां घायलोंं ने पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को दोबारा लाइन में लगवाते हुए खाद का वितरण शुरू कराया।
जिले में खाद को लेकर मारामारी मची है। अधिकारी जिले में भरपूर खाद होने का दावा कर रहे हैं लेकिन सुबह से समितियों में जुट रही किसानों की भीड़ इन दावों की पोल खोल रही है। शनिवार को सुबह पांच बजे से ही किसान नैपुुरा स्थित समिति पहुंच गए। लंबी-लंबी कतारों में लगे महिला और पुरुष किसान नंबर आने का इंतजार करने लगे। दोपहर के समय भीड़ बढ़ने पर लाइन में लगे किसानों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। तब एक पुलिसकर्मी ने किसानोंं को व्यवस्थित कराने के लिए हवा में लाठी भांजी, इससे अफरा-तफरी मच गई। इधर-उधर भागने के दौरान चार किसान घायल हो गए।
घायलों में सतौरा निवासी दीपचंद्र, नैपुरा निवासी आकेंद्र, बालादीन व मुन्ना शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी पहुंचाया गया। घायल दीपचंद्र ने बताया कि वह लाइन मेंं लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी तैनात एक पुलिसकर्मी ने अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाते हुए लाठी भांज दी। इससे किसानों में अफरा-तफरी मची और लाठी लगने से वह घायल हुए। सुबह से लाइन लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिली। ऊपर से लाठी खानी पड़ी। इससे किसानों में आक्रोशित दिखा। सूचना पर नायब तहसीलदार अभिषेक मिश्रा व थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को लाइन में लगवाते हुए खाद का वितरण शुरू कराया।
एसडीएम कुलपहाड़ डाॅ. प्रदीप कुमार का कहना है कि समिति में खाद वितरण हो रहा था। लाइन में लगने के दौरान धक्का-मुक्की में किसान घायल हुए। लाठी भांजने और भगदड़ जैसी बात भ्रामक है। किसानों को नियमानुसार खाद का वितरण कराया जा रहा है।