जिला पंचायत राज विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक ने ब्लॉक पनवाड़ी के प्रधानों व सचिवों के व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक वीडियो का लिंक भेज दिया। महिला प्रधानों व सचिवों ने जब जरूरी सूचना समझकर लिंक खोला तो आपत्तिजनक वीडियो देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी। डीपीआरओ ने कनिष्ठ सहायक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
डीपीआरओ चंद्रकिशोर वर्मा ने इस मामले को गंभीर अपराध माना है। उन्होंने कनिष्ठ सहायक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि यदि स्पष्टीकरण में ठोस कारण नहीं आया तो कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उधर, कनिष्ठ सहायक संतोष का कहना है कि उनके यहां रिश्तेदार आए थे। एक लड़के ने क्रिकेट मैच देखने के लिए मोबाइल ले लिया था। उसी ने लिंक साझा कर दी, जिसका उन्हें खेद है।
उधर, शासकीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार पालीवाल ने बताया कि ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप, जिसमें महिलाएं जुड़ी हों और आपत्तिजनक वीडियो भेजे जाएं तो उस ग्रुप की महिलाएं छेड़खानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा सकती हैं। यदि ग्रुप में अनुसूचित जाति की महिला जुड़ी है तो एससी-एसटी एक्ट की धारा भी लगेगी।